US-Iran Talks: पाकिस्तान में वार्ता विफल होने के बाद एक बार फिर से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगले दो दिन में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और इसके लिए पाकिस्तान सबसे ज्यादा संभावित जगह है।
अगले दो दिन में हो सकता है बड़ा- ट्रंप
वाशिंगटन से न्यूयॉर्क पोस्ट के एक रिपोर्टर से फोन पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आप वहीं रहें, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ बड़ा हो सकता है और हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। यह अब ज्यादा संभव लग रहा है।
उन्होंने यह भी माना कि जितनी बातचीत धीमी गति से चल रही है। हालांकि इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता यूरोप में हो सकती है, लेकिन बाद में उन्होंने इशारा किया कि यह इस्लामाबाद में भी हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई उम्मीद
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना जताई है। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बातचीत के बाद कहा कि वार्ता फिर शुरू होना काफी संभावित है।
अमेरिका का सख्त रुख
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद वार्ता में शामिल होने से इनकार किया, लेकिन यह साफ नहीं किया कि अमेरिका की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा। इससे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के नेताओं के साथ बातचीत में हिस्सा लिया था।
वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है। उसने 20 साल के अस्थायी रोक के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि मैं नहीं चाहता कि ईरान को लगे कि वह जीत गया है। उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यूरेनियम बढ़ाने पर 5 साल की रोक का प्रस्ताव दिया था, जिसे अमेरिका ने ठुकरा दिया। बातचीत में प्रगति, लेकिन नतीजों की कमी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने माना कि कई मुद्दों पर प्रगति हुई, लेकिन अमेरिका की लगातार हस्तांतरित संवैधानिक के कारण समझौता नहीं हो सका।


