आठ महीने से तालाब में रह रहे मगरमच्छ का रेस्क्यू:सोन नदी में छोड़ा गया, ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची वन विभाग की टीम

आठ महीने से तालाब में रह रहे मगरमच्छ का रेस्क्यू:सोन नदी में छोड़ा गया, ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची वन विभाग की टीम

सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के ग्राम शिकारगंज में पिछले आठ महीने से तालाब में रह रहे मगरमच्छ का रविवार को रेस्क्यू किया गया। वन विभाग की टीम ने कई घंटे की कार्रवाई के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा और उसे सोन नदी के भंवरसेन घाट में छोड़ दिया। मगरमच्छ के हटने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्राम शिकारगंज का तालाब आदिवासी बस्ती के लोगों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है। ग्रामीण इसी तालाब का उपयोग नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए करते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी के कारण लंबे समय से लोगों में भय बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी रहती थी चिंता ग्रामीणों के मुताबिक कई बार छोटे बच्चे अनजाने में तालाब के पानी में उतर जाते थे और मगरमच्छ उनके पास तक पहुंच जाता था। हालांकि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन स्थिति को देखते हुए लोगों ने तालाब के आसपास जाना कम कर दिया था। मगरमच्छ को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को शिकायत दी थी। इसके बाद विभाग ने रेस्क्यू की योजना बनाई। 12 सदस्यीय टीम ने चलाया अभियान रविवार सुबह संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के डीएफओ राजेश कन्ना टी के निर्देश पर रेंजर मुकेश अलावा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम गांव पहुंची। टीम ने तालाब में अभियान चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। मगरमच्छ को पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम उसे वाहन से सोन नदी के भंवरसेन घाट लेकर गई और उसके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए नदी में छोड़ दिया। ग्रामीणों ने जताया आभार स्थानीय निवासी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मगरमच्छ के कारण गांव के लोगों में लगातार डर बना हुआ था। उसके रेस्क्यू होने से अब ग्रामीणों को राहत मिली है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों और रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया तथा अभियान की सराहना की।

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