संभल में भारतीय किसान यूनियन (बीआरएसएस) और भारत राष्ट्रीय सेवक संघ के कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने बिजनौर जाते समय हिसामपुर चौकी क्षेत्र में रोक दिया गया। सोमवार को प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद अधिकारियों के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने अपना आठ सूत्रीय मांगपत्र चौकी प्रभारी को सौंप दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष कामेन्द्र चौधरी ने बताया कि दर्जनों कार्यकर्ता चमरौआ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने के लिए निकले थे। उनका उद्देश्य किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना था। हिसामपुर चौकी प्रभारी अरुण कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें बिजनौर जाने की अनुमति नहीं दी और मौके पर ही ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद कार्यकर्ताओं की सीओ असमोली प्रदीप कुमार और थाना प्रभारी नखासा उमेश सोलंकी से बातचीत हुई। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनका मांगपत्र शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने शांतिपूर्वक अपना आठ सूत्रीय मांगपत्र चौकी प्रभारी अरुण कुमार को सौंप दिया।
मांगपत्र में कई प्रमुख मांगें शामिल थीं। इनमें सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे न पहुंचने, खाद एवं बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाने, जल जीवन मिशन के कार्यों से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने, जनपद में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, बहजोई रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण कराने तथा गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर गांवों के नाम के साइन बोर्ड और गति अवरोधक लगाने की मांगें प्रमुख थीं। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान और मजदूर वर्ग की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। इस दौरान युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, ब्लॉक महासचिव पवाशा श्रीपाल यादव, वरिष्ठ कार्यकर्ता अनवार अली, सतपाल सिंह, विनोद शर्मा, चन्द्रपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।


