कैमूर जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है, विशेषकर भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है। गर्मी के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जिससे बाहर आवाजाही काफी कम हो गई है। स्थानीय ठेला दुकानदारों के अनुसार, पहले उनके यहां अच्छी भीड़ होती थी, लेकिन अब ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पीने के पानी या शेड की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नारियल पानी, गन्ने का जूस, कोल्ड ड्रिंक, सत्तू, ककड़ी और खीरा जैसे ठंडे पेय पदार्थों और खाद्य वस्तुओं का सेवन कर रहे हैं। हालांकि, भभुआ रोड स्टेशन पर यात्रियों के लिए पीने के पानी या शेड की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है। यात्री आशीष कुमार ने बताया कि भभुआ रोड स्टेशन से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। लेकिन 42-43 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में यात्री बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। उन्होंने शिकायत की कि नगर प्रशासन, रेलवे या स्थानीय प्रशासन ने न तो प्याऊ लगाए हैं और न ही यात्रियों के लिए शेड की व्यवस्था की है। महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा बाहर से आने वाले यात्रियों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें मजबूरन स्टेशन से बाहर जाकर महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्याऊ और शेड की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस गर्मी के मौसम में गरीब यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बिना पानी के लंबी यात्रा करना यात्रियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि स्टेशन पर मुफ्त पानी की व्यवस्था की जाए ताकि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है। कैमूर जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है, विशेषकर भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है। गर्मी के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, जिससे बाहर आवाजाही काफी कम हो गई है। स्थानीय ठेला दुकानदारों के अनुसार, पहले उनके यहां अच्छी भीड़ होती थी, लेकिन अब ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पीने के पानी या शेड की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नारियल पानी, गन्ने का जूस, कोल्ड ड्रिंक, सत्तू, ककड़ी और खीरा जैसे ठंडे पेय पदार्थों और खाद्य वस्तुओं का सेवन कर रहे हैं। हालांकि, भभुआ रोड स्टेशन पर यात्रियों के लिए पीने के पानी या शेड की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है। यात्री आशीष कुमार ने बताया कि भभुआ रोड स्टेशन से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। लेकिन 42-43 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में यात्री बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। उन्होंने शिकायत की कि नगर प्रशासन, रेलवे या स्थानीय प्रशासन ने न तो प्याऊ लगाए हैं और न ही यात्रियों के लिए शेड की व्यवस्था की है। महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा बाहर से आने वाले यात्रियों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें मजबूरन स्टेशन से बाहर जाकर महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्याऊ और शेड की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस गर्मी के मौसम में गरीब यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बिना पानी के लंबी यात्रा करना यात्रियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि स्टेशन पर मुफ्त पानी की व्यवस्था की जाए ताकि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।


