Tej Pratap Yadav blackmailing: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने की कोशिश की गई। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मोबाइल नंबर की जांच कर आरोपी की पहचान करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Tej Pratap Yadav death threat: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को जान से मारने की धमकी मिली है। तेज प्रताप यादव का आरोप है कि एक अनजान कॉलर ने मीडियाकर्मी बनकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही उस कॉलर ने एक कथित वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर पैसे की मांग की। तेज प्रताप ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से इस मामले में तुरंत जांच करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
दोपहर 3:11 बजे संदिग्ध कॉल आया
घटना के बारे में बताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें दोपहर 3:11 बजे मोबाइल नंबर 7520322647 से कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि वह एक मीडिया संस्थान से जुड़ा है। इसके बाद उसने सीधे तेज प्रताप यादव को जान से मारने की धमकी दी और पैसे की मांग करते हुए इंटरनेट पर एक कथित वीडियो वायरल करने की धमकी दी। तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह मामला सिर्फ़ उन तक सीमित नहीं है, वही व्यक्ति जनशक्ति जनता दल के कई अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी कॉल कर रहा है, उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा है और धमकी देकर जबरन वसूली की कोशिश कर रहा है।
सरकार और प्रशासन से तुरंत गिरफ्तारी और जांच की मांग
तेज प्रताप यादव ने मांग की है कि बिहार सरकार और संबंधित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तुरंत तकनीकी जांच करें और कॉल के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच करें। उन्होंने अपील की कि कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए, उसे सजा दिलाई जाए और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, उन्होंने अपने और अपनी पार्टी से जुड़े सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। उन्होंने कहा कि धमकियों, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले भी की थी सुरक्षा की मांग
यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव ने अपनी जान और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पहले भी केंद्र और बिहार सरकारों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की थी। उन्होंने पहले बताया था कि पटना में उनके सरकारी आवास के बाहर नशे में धुत दो युवकों को पकड़ा गया था और सचिवालय पुलिस स्टेशन को सौंपा गया था। इस घटना के बाद, उन युवकों के परिवारों ने उनके आवास का घेराव किया, जिससे सुरक्षा का गंभीर संकट पैदा हो गया था।
तेज प्रताप ने चेतावनी दी थी कि ऐसी बार-बार होने वाली संदिग्ध घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की अच्छी तरह समीक्षा करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने की भी अपील की।

