संभल में एक शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक स्कूलों के 150 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा एमएलसी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. ढिल्लो ने शिक्षकों को राष्ट्र का निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उनका मानना था कि जब तक समाज और देश में शिक्षकों को सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने दुनिया के विकसित देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी तरक्की का मूल कारण मजबूत शिक्षा व्यवस्था है। डॉ. ढिल्लो ने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि देश में जागरूकता और क्रांति लाने में शिक्षकों और साहित्यकारों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत से लगभग दो वर्ष पहले स्वतंत्र होने के बावजूद, शिक्षा में निरंतर सुधार के कारण वह आज हमसे काफी आगे निकल चुका है। एमएलसी ने वर्ष 1947 के बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था में आई चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कारणों से शिक्षा प्रभावित हुई, जिससे देश की प्रगति की रफ्तार धीमी पड़ी। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2020 में लागू की गई नई शिक्षा नीति (NEP) की सराहना की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लागू किया था। उन्होंने कहा कि इस नीति से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हुए हैं और युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। डॉ. ढिल्लो ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 8773 परीक्षा केंद्रों पर 14 दिनों के भीतर नकलविहीन परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न कराई गईं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2017 के बाद से सहायक अध्यापकों को भी शिक्षक सम्मान दिए जाने की पहल शुरू हुई है। कार्यक्रम के अंत में आयोजक मयंक श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, सम्मानित शिक्षकों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षकों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई।


