Tata Sons पर RBI के फैसले का Shapoor Mistry ने किया स्वागत, लिस्टिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

Tata Sons पर RBI के फैसले का Shapoor Mistry ने किया स्वागत, लिस्टिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

 शापूरजी पल्लोनजी समूह के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने टाटा संस को अपर-लेयर की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर लागू नियमों के तहत लाने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो सकता है। शापूर मिस्त्री के परिवार के स्वामित्व वाले शापूरजी पल्लोनजी समूह की टाटा संस में करीब 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

मिस्त्री ने कहा कि आरबीआई के फैसले से ‘‘पूरी स्पष्टता’’ मिली है और वह कंपनी के भविष्य को लेकर टाटा संस तथा टाटा ट्रस्ट्स के साथ रचनात्मक तरीके से काम करने की उम्मीद करते हैं। आरबीआई ने 11 सितंबर को टाटा संस के प्रमुख निवेश कंपनी के रूप में अपना पंजीकरण वापस लेने के आवेदन को खारिज कर दिया और उसे लागू नियामकीय ढांचे का पालन करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। इस फैसले से समूह की होल्डिंग कंपनी के लिए वर्षों से निजी स्वामित्व वाली कंपनी का दर्जा बनाए रखने के प्रयासों के बाद अब सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने का रास्ता खुल गया है।

 मिस्त्री ने बयान में कहा, ‘‘ इस महत्वपूर्ण फैसले को एक हिस्सेदार की दूसरे पर जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ टाटा संस की सूचीबद्धता शेयरधारकों और टाटा ट्रस्ट्स के बीच तथा निजी स्वामित्व एवं सार्वजनिक जवाबदेही के बीच एक सेतु बन सकती है।

 ’’ मिस्त्री ने कहा कि सार्वजनिक जवाबदेही टाटा के परोपकारी मिशन की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टाटा संस के सूचीबद्ध होने से होल्डिंग कंपनी के मूल्य के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है, व्यावसायिक कामकाज मजबूत हो सकता है और टाटा ट्रस्ट्स की परोपकारी गतिविधियों के लिए मूल्य का अधिक टिकाऊ प्रवाह सुनिश्चित हो सकता है।

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