माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने सिएटल के तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी समुदाय और भारत के साथ उसके मजबूत होते संबंधों की सराहना की। उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर समेत विभिन्न क्षेत्रों के भारतीय मूल के सीईओ को संबोधित करते हुए यह बात कही। नडेला सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि थे।
‘आइडियाज4इंडिया : इंडियन अमेरिकन टेक सीईओ फोरम : अनलॉकिंग द टेक डिविडेंड’ शीर्षक वाला यह कार्यक्रम बृहस्पतिवार को महावाणिज्य दूतावास परिसर में आयोजित किया गया। यह फरवरी में नयी दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के बाद आयोजित किया गया। महावाणिज्य दूतावास की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नडेला ने कहा कि उन्हें करीब 35 वर्षों में सिएटल के प्रौद्योगिकी समुदाय को बढ़ते हुए देखने पर गर्व है और उन्हें यह देखकर खुशी है कि यह समुदाय भारत के साथ अपने संबंध बना और मजबूत कर रहा है।
नडेला ने एआई को एक ऐसी सामान्य उपयोग वाली प्रौद्योगिकी बताया, जिसके लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि इसे देशों, समुदायों और क्षेत्रों में कितने व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने भारतीय मूल के सीईओ तथा कार्यक्रम के अन्य प्रतिभागियों की भारत-अमेरिका प्रौद्योगिकी साझेदारी को और गहरा करने की मजबूत इच्छा का स्वागत किया।
बयान में कहा गया कि क्वात्रा ने सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसका एआई मिशन समावेशिता, खुलेपन, संप्रभुता, सभी के लिए समान पहुंच, सुरक्षा और भरोसे के सिद्धांतों पर मजबूती से आधारित रहे। इस विशेष कार्यक्रम में प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के भारतीय मूल के सीईओ शामिल हुए।
इनमें से कई लोग एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, क्लाउड बुनियादी ढांचे, एयरोस्पेस और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर समेत अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय से काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में भारतीय मूल के 40 से अधिक सीईओ और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारियों (सीटीओ) ने भाग लिया। इनमें माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, बोइंग, ओपनएआई, एंथ्रोपिक, इंटेल, वीम सॉफ्टवेयर, हेलियन, रिदम्स एआई, जेनोटी, एनिक्का डेटा, सीकआउट, स्टेनली और प्रशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र की अन्य प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के अधिकारी शामिल थे। यूएसबी-सी ड्राइव के अन्वेषक और इंटेल के पूर्व अधिकारी अजय भट्ट ने भी विचार-विमर्श में भाग लिया।

