अंबिकापुर. सरगुजा में इन दिनों बदमाश बेखौफ हो गए हैं, वे अब खाकी वर्दी को भी निशाना बनाने लगे हैं। ताजा मामला गुरुवार की रात अंबिकापुर के समीप ग्राम कंठी व जगदीशपुर के बीच प्रतिमा विसर्जन के दौरान देखने को मिला, जब बदमाशों ने प्रशिक्षु डीएसपी के साथ मारपीट (Trainee DSP beaten) कर उनकी कार में भी तोडफ़ोड़ की। हालांकि मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रशिक्षु डीएसपी पर हमला करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि बदमाश किसी भी वारदात को अंजाम देने से थोड़ा भी क्यों नहीं हिचक रहे हैं?
बता दें कि प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे वर्तमान में दरिमा थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। वे ड्यूटी से गुरुवार की रात करीब १० बजे निजी कार से अंबिकापुर लौट रहे थे। इस दौरान अंबिकापुर-दरिमा मार्ग पर ग्राम कंठी और जगदीशपुर के बीच गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने गांव के लोग जा रहे थे। इस दौरान पूरा रास्ता जाम था। इसमें डीएसपी (DSP Nishant Kurrey) की गाड़ी भी फंस गई थी।

जब उन्होंने कार्यक्रम में शामिल लोगों से साइड देने को कहा तो वे डीएसपी से उलझ गए। फिर उन्होंने उनसे मारपीट शुरु कर दी। युवकों ने उनकी कार में भी तोडफ़ोड़ की। सूचना मिलते ही मणिपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 6 युवकों को गिरफ्तार किया है।
DSP attack accused: ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों (Beaten accused) में अनिल राजवाड़े पिता बोधन राजवाड़े (42), धनेश्वर राजवाड़े उर्फ धन्नू पिता रामधारी राजवाड़े (२२) वर्ष, रामदेव राजवाड़े उर्फ चुटुल पिता रामधारी राजवाड़े, (19), शिवशंकर राजवाड़े उर्फ शिव पिता सुखमेश्वर राजवाड़े, (44), नीरज राजवाड़े पिता रामाश्रय राजवाड़े, (20), मुकेश दास पिता अर्जुन दास (18) सभी मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर के रहने वाले हैं।
बेखौफ हुए बदमाश
शहर और आसपास के इलाकों में इन दिनों मारपीट, चाकूबाजी (Stabbing) और विवाद की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले भी शहर में विवाद और मारपीट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही ऐसी वारदातों से पुलिस की गश्त और बदमाशों में कानून का भय बनाए रखने की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

