विश्व के प्रमुख स्टोन एवं स्टोन टेक्नोलॉजी आयोजनों में शामिल मार्मोमैक, वेरोना में इंडिया स्टोनमार्ट के अंतरराष्ट्रीय प्रमोशन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। वैश्विक कंपनियों के साथ लगातार हो रही बैठकों और संवाद के परिणामस्वरूप इंडिया स्टोनमार्ट के लिए अब तक कुल आठ स्पॉन्सरशिप फाइनल हो चुकी हैं। इसी क्रम में Paradigm Granites को छठे स्पॉन्सर के रूप में इंडिया स्टोनमार्ट से जोड़ने पर सहमति बनी है। इसके बाद Lavina Granites को सातवें Co-Sponsor और Varsha Stones को आठवें Co-Sponsor के रूप में फाइनल किया गया। नई साझेदारियों को इंडिया स्टोनमार्ट के प्रति स्टोन उद्योग के बढ़ते विश्वास और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। RIICO, लघु उद्योग भारती और CDOS के संयुक्त प्रयास इंडिया स्टोनमार्ट के अंतरराष्ट्रीय प्रमोशन अभियान में RIICO के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला, IAS, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री नरेश पारीक, उपाध्यक्ष नटवरलाल अजमेरा, सदस्य प्रकाश चंद चौधरी तथा CDOS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकुल रस्तोगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रतिनिधिमंडल की ओर से मार्मोमैक में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में इंडिया स्टोनमार्ट के लिए स्पॉन्सरशिप, प्रदर्शक सहभागिता और दीर्घकालीन रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा की जा रही है। भारतीय स्टोन उद्योग की ग्लोबल ब्रांडिंग पर फोकस अभियान के तहत भारतीय प्राकृतिक पत्थरों की वैश्विक ब्रांडिंग के साथ विदेशी खरीदारों और कंपनियों को इंडिया स्टोनमार्ट से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा आधुनिक स्टोन प्रोसेसिंग तकनीक, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और भारतीय स्टोन सेक्टर में निवेश आकर्षित करने को लेकर भी कंपनियों से संवाद किया जा रहा है। बिजनेस, टेक्नोलॉजी और निवेश का अंतरराष्ट्रीय मंच बनाने की तैयारी आठ स्पॉन्सरशिप का फाइनल होना इंडिया स्टोनमार्ट की बढ़ती औद्योगिक स्वीकार्यता और अंतरराष्ट्रीय आउटरीच की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। मार्मोमैक जैसे वैश्विक मंच पर सीधे संवाद के जरिए नए स्पॉन्सर्स, प्रदर्शकों, खरीदारों और तकनीकी भागीदारों को इंडिया स्टोनमार्ट से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। लघु उद्योग भारती की टीम के अनुसार, अभियान का उद्देश्य इंडिया स्टोनमार्ट को केवल एक प्रदर्शनी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसे भारतीय प्राकृतिक पत्थर उद्योग और वैश्विक बाजार के बीच बिजनेस, टेक्नोलॉजी, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के प्रभावी अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित करना है। मार्मोमैक में प्रतिनिधिमंडल का वैश्विक कंपनियों के साथ संवाद जारी है। आगामी दिनों में इंडिया स्टोनमार्ट के लिए और अधिक उद्योग सहभागिता तथा रणनीतिक साझेदारियां विकसित करने पर फोकस रहेगा।

