कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की पहल के तहत नालंदा जिले में ‘आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र’ का संचालन शुरू होने जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से कला के प्रति रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं को शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम, कथक के साथ-साथ तबला, ढोलक और हारमोनियम वादन का विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। शैक्षणिक गतिविधियां आरंभ करने के लिए छात्र-छात्राओं के औपचारिक नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क होगा और विद्यार्थियों को कोई मासिक शुल्क नहीं देना होगा। नामांकन प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संपन्न की जाएगी।
हर विधा में 40 का ही होगा चयन प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं का ही चयन किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार कला एवं संस्कृति कार्यालय, नालंदा समाहरणालय (बिहारशरीफ) से आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन की हार्डकॉपी 25 जून तक समाहरणालय स्थित इसी कार्यालय में जमा करनी होगी। ऑनलाइन या किसी अन्य माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 6 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदन जमा करते समय आयु प्रमाण पत्र के रूप में जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड की कॉपी के साथ तीन पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना अनिवार्य है।
दो सत्र चलाया जाएगा यह प्रशिक्षण केंद्र किसान कॉलेज रोड, आशानगर (सोहसराय) में अरावत मैरेज हॉल के नजदीक संचालित किया जाएगा। कक्षाओं का संचालन मंगलवार से रविवार तक किया जाएगा, जिसके लिए दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक के दो सत्र निर्धारित किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नृत्य प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री जैसे घुंघरू या ड्रेस की व्यवस्था छात्र-छात्राओं को स्वयं करनी होगी। नामांकन से जुड़ी किसी भी अन्य जानकारी या समस्या के समाधान के लिए कार्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 9608796112 भी जारी किया है, जिस पर सुबह 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की पहल के तहत नालंदा जिले में ‘आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र’ का संचालन शुरू होने जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से कला के प्रति रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं को शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम, कथक के साथ-साथ तबला, ढोलक और हारमोनियम वादन का विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। शैक्षणिक गतिविधियां आरंभ करने के लिए छात्र-छात्राओं के औपचारिक नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क होगा और विद्यार्थियों को कोई मासिक शुल्क नहीं देना होगा। नामांकन प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संपन्न की जाएगी।
हर विधा में 40 का ही होगा चयन प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं का ही चयन किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार कला एवं संस्कृति कार्यालय, नालंदा समाहरणालय (बिहारशरीफ) से आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन की हार्डकॉपी 25 जून तक समाहरणालय स्थित इसी कार्यालय में जमा करनी होगी। ऑनलाइन या किसी अन्य माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 6 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदन जमा करते समय आयु प्रमाण पत्र के रूप में जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड की कॉपी के साथ तीन पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना अनिवार्य है।
दो सत्र चलाया जाएगा यह प्रशिक्षण केंद्र किसान कॉलेज रोड, आशानगर (सोहसराय) में अरावत मैरेज हॉल के नजदीक संचालित किया जाएगा। कक्षाओं का संचालन मंगलवार से रविवार तक किया जाएगा, जिसके लिए दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक के दो सत्र निर्धारित किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नृत्य प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री जैसे घुंघरू या ड्रेस की व्यवस्था छात्र-छात्राओं को स्वयं करनी होगी। नामांकन से जुड़ी किसी भी अन्य जानकारी या समस्या के समाधान के लिए कार्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 9608796112 भी जारी किया है, जिस पर सुबह 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।


