गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड के तीनमहुआ गांव में बुधवार देर शाम एक धार्मिक स्थल पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई। इसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। घटना की सूचना मिलते ही एएसपी वीरेंद्र कुमार चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ, बीडीओ, अंचल अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराजगी बढ़ रही थी जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले गांव में प्रतिबंधित पशु का कटा हुआ सिर मिला था। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था और वे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराजगी बढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार देर शाम कुछ लोगों ने धार्मिक स्थल पर पथराव किया। इससे वहां लगे शीशे, लाउडस्पीकर और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही लगभग 30 मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया गया है। सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। एएसपी वीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि प्रतिबंधित पशु का कटा हुआ सिर मिलने की घटना के बाद बाहरी लोगों के पहुंचने से माहौल बिगड़ा और हुड़दंग हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान थाना के एक चौकीदार भी घायल हो गया है। क्षेत्र के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि बाहरी लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस कैंप कर रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा शांति बनाए रखने की अपील की है। गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड के तीनमहुआ गांव में बुधवार देर शाम एक धार्मिक स्थल पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई। इसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। घटना की सूचना मिलते ही एएसपी वीरेंद्र कुमार चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ, बीडीओ, अंचल अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराजगी बढ़ रही थी जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले गांव में प्रतिबंधित पशु का कटा हुआ सिर मिला था। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था और वे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराजगी बढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार देर शाम कुछ लोगों ने धार्मिक स्थल पर पथराव किया। इससे वहां लगे शीशे, लाउडस्पीकर और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही लगभग 30 मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया गया है। सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। एएसपी वीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि प्रतिबंधित पशु का कटा हुआ सिर मिलने की घटना के बाद बाहरी लोगों के पहुंचने से माहौल बिगड़ा और हुड़दंग हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान थाना के एक चौकीदार भी घायल हो गया है। क्षेत्र के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि बाहरी लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस कैंप कर रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा शांति बनाए रखने की अपील की है।


