कैमूर में 45 महिला पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रुका:निरीक्षण में लापरवाही, 24 घंटे में जवाब तलब, कार्रवाई की चेतावनी

कैमूर में 45 महिला पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रुका:निरीक्षण में लापरवाही, 24 घंटे में जवाब तलब, कार्रवाई की चेतावनी

कैमूर में आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में 45 महिला पर्यवेक्षिकाओं के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) ने सभी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन कटौती और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डीपीओ ने बताया कि उन्हें पर्यवेक्षिकाओं के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई पर्यवेक्षिकाएं अपने आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित भ्रमण नहीं कर रही थीं और निरीक्षण प्रतिवेदन भी समय पर जमा नहीं किया जा रहा था। सरकारी योजनाओं की निगरानी में भी लापरवाही
इसके अतिरिक्त, केंद्रों पर पोषाहार वितरण, टीकाकरण और अन्य सरकारी योजनाओं की निगरानी में भी लापरवाही सामने आई। डीपीओ के औचक निरीक्षण के दौरान कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए गए, जबकि पर्यवेक्षिकाओं ने उनके भ्रमण का दावा किया था। निरीक्षण में ग्रेड चार्ट, रजिस्टर संधारण और लाभुकों की सूची में भी गड़बड़ी मिली। 45 पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोकने का आदेश जारी किया
क्वालिटी कंट्रोल के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन अनियमितताओं के बाद डीपीओ ने सभी 45 पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। डीपीओ ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य आंगनबाड़ी कर्मियों में भी सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है। कैमूर में आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में 45 महिला पर्यवेक्षिकाओं के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) ने सभी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन कटौती और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डीपीओ ने बताया कि उन्हें पर्यवेक्षिकाओं के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई पर्यवेक्षिकाएं अपने आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित भ्रमण नहीं कर रही थीं और निरीक्षण प्रतिवेदन भी समय पर जमा नहीं किया जा रहा था। सरकारी योजनाओं की निगरानी में भी लापरवाही
इसके अतिरिक्त, केंद्रों पर पोषाहार वितरण, टीकाकरण और अन्य सरकारी योजनाओं की निगरानी में भी लापरवाही सामने आई। डीपीओ के औचक निरीक्षण के दौरान कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए गए, जबकि पर्यवेक्षिकाओं ने उनके भ्रमण का दावा किया था। निरीक्षण में ग्रेड चार्ट, रजिस्टर संधारण और लाभुकों की सूची में भी गड़बड़ी मिली। 45 पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोकने का आदेश जारी किया
क्वालिटी कंट्रोल के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन अनियमितताओं के बाद डीपीओ ने सभी 45 पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। डीपीओ ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य आंगनबाड़ी कर्मियों में भी सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।  

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