Stock Market Update: मुनाफावसूली से सेंसेक्स 400 अंक टूटा, जानिए कौन-से शेयरों में दिख रही बिकवाली

Stock Market Update: मुनाफावसूली से सेंसेक्स 400 अंक टूटा, जानिए कौन-से शेयरों में दिख रही बिकवाली

Share Market Today: चुनावी नतीजों के बाद आई तेजी आज फिकी होती दिख रही है। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लाल निशान के साथ शुरुआत की। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी50 में 0.3 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। इस गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर चल रही उटा-पटक है। एक ओर ईरान अमेरिका विवाद में कोई शांति होती नहीं दिख रही है। दूसरी ओर भारतीय रुपया अपने रिकॉर्ड लो पर पहुंच चुका है।

निफ्टी50 और सेंसेक्स अपडेट

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 24,000 के नीचे फिसल गया। लेकिन बाजार धीरे-धीरे बढ़त बना रहा है और सेंसेक्स में फिलहाल 250 अंकों की गिरावट है। इसके साथ ही निफ्टी में 86 अंकों की गिरावट है। विश्लेषकों का मानना ​​है कि बाजार में धीरे-धीरे तेजी का रुख जारी रहेगा।

इन सेक्टर में दिखी बिकवाली

बाजार में बिकवाली का दबाव प्रमुख रूप से एविएशन और टेक सेक्टर में देखा गया, जहां इंडिगो और टेक महिंद्रा जैसे शेयर टॉप लूजर रहे। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे इक्विटी बाजार में कमजोरी आई। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में वोलाटिलिटी बनी रह सकती है।

बाजार खुलने के साथ ही Jyothy Labs Ltd. के शेयर में करीब 6.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 250.65 के स्तर पर आ गया। इसी तरह KEI Industries Ltd. में भी भारी बिकवाली देखी गई, जहां स्टॉक लगभग 6.43 प्रतिशत टूटकर 4733.10 पर पहुंच गया। Aarti Industries Ltd. के शेयर में करीब 3.54 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 494.95 पर कारोबार करता दिखा। इन गिरते शेयरों से साफ संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

बाजार पर इन्होंने डाला असर

एक दिन कि तेजी के बाद बाजार में देखी जा रही गिरावच के पीछे कई कारण है। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलना भारतीय शेयर बाजार के लिए ठीक नहीं रहता। ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत गिरावट आई है वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.4 प्रतिशत तक नीचे गया। यूरोप का Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स भी 0.4 प्रतिशत गिरा।

दूसरी ओर भारतीय रुपया 0.23 प्रतिशत गिरकर 95.40 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। रुपये की यह कमजोरी विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। विदेशी निवेशकों को डॉलर में मिलने वाले मुनाफे में कमी होती है, जिसके चलते वे लगातार भारतीय बाजार से अपना निवेश निकाल रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *