Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज बिकवाली देखी गई। निफ्टी-50 और सेंसेक्स दोनों लाल निशान पर बंद हुए। FMCG और PSU Bank सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित पीस डील में देरी ने भी निवेशकों के मूड को खराब किया है। निफ्टी-50 आज 165.15 अंक यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 508.40 अंक यानी 0.68 फीसदी टूटकर 74,267.34 पर बंद हुआ।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.45 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.88 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। NSE पर 2,201 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,151 शेयर बढ़े और 99 बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
कौन से शेयर सबसे ज्यादा गिरे
सेंसेक्स पर ITC और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के शेयर करीब 3 फीसदी टूटकर सबसे बड़े लुजर रहे। इनके अलावा एनटीपीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस और L&T के शेयर भी करीब 2-2 फीसदी गिरे। वहीं, निफ्टी-50 के टॉप लूजर्स की लिस्ट निम्न है:
| कंपनी | मौजूदा कीमत (₹) | कीमत में बदलाव (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| HUL | 2,084 | -69.20 | -3.22% |
| Tata Consumer | 1,143 | -35.11 | -2.98% |
| Shriram Finance | 919.05 | -28.11 | -2.97% |
| Max Healthcare | 938.45 | -26.65 | -2.77% |
| ITC | 279.65 | -7.25 | -2.53% |
| M&M | 2,970 | -75.41 | -2.48% |
| Tata Motors PV | 384.90 | -9.00 | -2.29% |
IT सेक्टर ने दिखाई मजबूती
जहां बाकी सेक्टर दबाव में रहे, वहीं IT शेयरों ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक थामा। टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टीसीएस के शेयर 1 से 4 फीसदी तक उछले। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी चढ़ा। इसके अलावा निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया ने भी बाकी सेक्टरों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी-50 के टॉप गेनर्स की लिस्ट निम्न है:
| कंपनी | मौजूदा कीमत (₹) | कीमत में बदलाव (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| Kwality Wall’s | 28.21 | +1.23 | +4.53% |
| Tech Mahindra | 1,543 | +59.30 | +4.00% |
| Infosys | 1,203 | +41.60 | +3.59% |
| Coal India | 472.60 | +14.70 | +3.22% |
| TCS | 2,297 | +38.50 | +1.71% |
| JSW Steel | 1,299 | +21.40 | +1.68% |
| Hindalco | 1,141 | +14.60 | +1.30% |
| Tata Steel | 210.57 | +2.55 | +1.23% |
अमेरिका-भारत व्यापार की खबर है पॉजिटिव ट्रिगर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव अब चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है और निवेशक अब कूटनीतिक समाधान की उम्मीद करने लगे हैं। घरेलू मोर्चे पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता फिर से शुरू होने की खबरें बाजार के लिए पॉजिटिव ट्रिगर बन सकती हैं। आने वाले समय में RBI की मौद्रिक नीति और GDP डेटा बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।


