सोनभद्र में आठ साल पहले अपनी बड़ी मां की हत्या के मामले में दोषी भतीजे संत कुमार गौड़ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजे एफटीसी हरिकेश कुमार की अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह घटना 3 फरवरी 2018 को जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवा टोला बरवाडीह में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिवमूरत गौड़ ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उनकी पत्नी राजकुमारी देवी अपनी बड़ी बेटी की विदाई कराकर घर लौट रही थीं। रास्ते में उनके भतीजे संत कुमार गौड़ ने उन्हें रोका और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। राजकुमारी देवी दौड़कर आरोपी के दरवाजे तक पहुंचीं। वहां संत कुमार ने एक बड़ा पत्थर उठाकर राजकुमारी देवी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ीं। इसके बाद आरोपी ने उसी पत्थर से उनके सिर पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद जुगैल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य एकत्रित कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए संत कुमार गौड़ पुत्र स्वर्गीय कन्हई गौड़, निवासी बड़गांवा टोला बरवाडीह, थाना जुगैल को हत्या का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


