उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अब रास्ता ढूंढना और जरूरी जानकारी पाना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। प्रदेश सरकार दुधवा टाइगर रिजर्व, किशनपुर और कतर्नियाघाट जैसे प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों पर आधुनिक साइनेज लगाने जा रही है। 3.11 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत पहले चरण में 50 लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है। सरकार इन प्राकृतिक स्थलों को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना चाहती है। दुधवा में ‘स्मार्ट गाइड’ पर 2.51 करोड़ खर्च दुधवा टाइगर रिजर्व में इस योजना का सबसे बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा। यहां 2.51 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक साइनेज लगाए जाएंगे, जो पर्यटकों के लिए ‘स्मार्ट गाइड’ की तरह काम करेंगे। ये दिशा दिखाने के साथ-साथ सुरक्षा और स्थानीय जानकारी भी देंगे। मौन गाइड बनेंगे साइनेज साइनेज को पर्यटन स्थलों का ‘मौन गाइड’ कहा जाता है। इनके माध्यम से पर्यटक आसानी से विभिन्न जोन, रास्तों और प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे। साथ ही, ये बोर्ड ‘नो प्लास्टिक’, ‘वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें’ और ‘शांत रहें’ जैसे संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक करेंगे। किशनपुर और कतर्नियाघाट में भी बेहतर होगा अनुभव किशनपुर वन्यजीव अभ्यारण्य में साइनेज ‘बर्ड वॉचिंग’ और ‘नेचर ट्रेल्स’ को स्पष्ट रूप से चिन्हित करेंगे, जिससे नए पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।
वहीं कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में ये संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा, घुमावदार रास्तों में दिशा-निर्देशन और गंगा डॉल्फिन व घड़ियाल जैसे दुर्लभ जीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगे। सुरक्षित और स्मार्ट बनेगा वन भ्रमण अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, साइनेज के जरिए सफारी मार्ग स्पष्ट होंगे और ‘टाइगर जोन’ व ‘बफर जोन’ की पहचान आसान होगी। इससे पर्यटकों का अनुभव न सिर्फ बेहतर होगा, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।


