भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता और समस्याओं को जानने के लिए जिला कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव बुधवार को एक्शन मोड में नजर आए। कलेक्टर ने छोटी सरवन पंचायत समिति क्षेत्र की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ जांहनपुरा, कुंडल, मकनपुरा, छायनबडी और घोडी तेजपुर गांवों में पहुंचकर जमीनी हकीकत देखी। गांवों में सीधे ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। खाट पर बैठकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्या सुनी। ग्रामीणों ने रखी अपनी बात चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने कलक्टर को खुलकर अपनी बात बताई। ग्रामीणों ने कहा- फिलहाल क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था संतोषजनक है। हालांकि, तेज गर्मी के कारण कुछ इलाकों में भूजल स्तर (ग्राउंड वाटर लेवल) नीचे चला गया है, जिससे हैंडपंप सूखने लगे हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि प्रशासन द्वारा इन प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी भिजवाया जा रहा है। साथ ही पीएचईडी विभाग द्वारा खराब हैंडपंपों को समय पर दुरुस्त भी किया गया है। पानी की सप्लाई में न हो देरी निरीक्षण के बाद जिला कलेक्टर ने जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा- गर्मी के इस सीजन में पेयजल व्यवस्था की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाए। जहां भी हैंडपंप, नलकूप या जलस्रोत खराब होने की शिकायत मिले, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई हो। जिन गांवों में टैंकरों से सप्लाई हो रही है, वहां पानी की मात्रा, समय और नियमितता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कमाई बढ़ाने पर भी चर्चा दौरे के दौरान कलक्टर सिर्फ पानी की समस्या तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए आजीविका संवर्धन पर भी चौपाल में चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को मुर्गीपालन, बकरीपालन और बागवानी (उद्यानिकी) जैसे स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी ग्रामीण इन कार्यों में रुचि रखते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं, ट्रेनिंग और लोन (वित्तीय सहायता) की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाए। ये अधिकारी मौजूद रहे इस दौरान जिला कलेक्टर के साथ एसीईओ कैलाश बारोलिया, स्थानीय तहसीलदार, विकास अधिकारी (BDO), जलदाय विभाग के इंजीनियर्स और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) सहित कई विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।


