मेरठ में घरेलू गैस की किल्लत अब खुलकर सामने आ रही है। एक ओर प्रशासन गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें इन दावों की सच्चाई बयां कर रही हैं। हुमायूंनगर स्थित तिरंगा गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लक्खीपुरा निवासी कय्यूम अंसारी ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से गैस के लिए कतार में खड़े थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी परिसर में गैस से लदे वाहन खड़े होने के बावजूद कर्मचारियों द्वारा गैस खत्म होने की बात कही जा रही थी। मौके पर मौजूद कई उपभोक्ताओं ने एजेंसी संचालकों पर गैस की कालाबाजारी का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि आम लोगों को गैस नहीं दी जा रही है, जबकि ‘सेटिंग’ वाले ग्राहकों को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हापुड़ अड्डा स्थित तिरंगा गैस के कार्यालय में एक कर्मचारी के हाथ में कई गैस पर्चियां देखी गईं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इन्हीं पर्चियों के माध्यम से गैस की ‘सेटिंग’ की जा रही है और जरूरतमंदों को जानबूझकर इंतजार कराया जा रहा है। प्रशासन लगातार गैस की कोई कमी न होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। रोजाना लग रही लंबी कतारें और उपभोक्ताओं का बढ़ता आक्रोश यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि कहीं न कहीं वितरण व्यवस्था में बड़ी खामी है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस समस्या पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो आम जनता को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।


