अररिया में पंचायत चुनाव 2026 प्रपत्र-1 का कार्यक्रम जारी:4 मई को जारी होगा नया प्रपत्र-1, 18 मई तक दर्ज कराएं आपत्ति

अररिया में पंचायत चुनाव 2026 प्रपत्र-1 का कार्यक्रम जारी:4 मई को जारी होगा नया प्रपत्र-1, 18 मई तक दर्ज कराएं आपत्ति

अररिया में पंचायत आम निर्वाचन 2026 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर सूचना भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला जन संपर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान ने की। इसमें आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला जन संपर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक और सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान ने संयुक्त रूप से बताया कि बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रत्येक 10 वर्षों पर चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाता है। 2015 में प्रपत्र-1 हुआ था प्रकाशित वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 2015 में प्रपत्र-1 प्रकाशित हुआ था। अब 2026 के चुनाव के लिए उसी जनगणना के आंकड़ों पर आधारित नया प्रपत्र-1 तैयार किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित होगी। प्रपत्र-1 के प्रकाशन और आपत्ति दर्ज करने के लिए समय-सारणी जारी कर दी गई है। प्रपत्र-1 का प्रारूप प्रकाशन 4 मई 2026 को होगा, जबकि आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 18 मई 2026 निर्धारित की गई है। आपत्तियों का निस्तारण 22 मई 2026 तक और अपील वादों का निस्तारण 29 मई 2026 तक किया जाएगा। 9 जून को जिला गजट में होगा प्रकाशित प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन 5 जून 2026 को होगा, जिसके बाद 9 जून 2026 को इसे जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप प्रकाशन के 14 दिनों के भीतर ही आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद प्राप्त किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। दावा-आपत्तियां केवल जनसंख्या संबंधी ही ली जाएंगी। ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी जांच अधिकारी होंगे, जबकि संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होंगे। जिला परिषद सदस्य पद के लिए अनुमंडल पदाधिकारी जांच अधिकारी और जिला पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होंगे। अपीलीय प्राधिकार का फैसला अंतिम माना जाएगा। सभी पदों पर आरक्षण का होगा निर्धारण प्रपत्र-1 के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायत (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) तथा ग्राम कचहरी के सभी पदों पर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। यह प्रक्रिया बिहार पंचायत राज अधिनियम-2026 (संशोधित) और संबंधित नियमावली के तहत दो क्रमिक चुनावों के बाद आरक्षण आवंटन के प्रावधानों के अनुरूप है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आमजन से अपील की गई है कि वे निर्धारित समयावधि में ही अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। अररिया में पंचायत आम निर्वाचन 2026 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर सूचना भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला जन संपर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान ने की। इसमें आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला जन संपर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक और सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान ने संयुक्त रूप से बताया कि बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रत्येक 10 वर्षों पर चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाता है। 2015 में प्रपत्र-1 हुआ था प्रकाशित वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 2015 में प्रपत्र-1 प्रकाशित हुआ था। अब 2026 के चुनाव के लिए उसी जनगणना के आंकड़ों पर आधारित नया प्रपत्र-1 तैयार किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित होगी। प्रपत्र-1 के प्रकाशन और आपत्ति दर्ज करने के लिए समय-सारणी जारी कर दी गई है। प्रपत्र-1 का प्रारूप प्रकाशन 4 मई 2026 को होगा, जबकि आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 18 मई 2026 निर्धारित की गई है। आपत्तियों का निस्तारण 22 मई 2026 तक और अपील वादों का निस्तारण 29 मई 2026 तक किया जाएगा। 9 जून को जिला गजट में होगा प्रकाशित प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन 5 जून 2026 को होगा, जिसके बाद 9 जून 2026 को इसे जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप प्रकाशन के 14 दिनों के भीतर ही आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद प्राप्त किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। दावा-आपत्तियां केवल जनसंख्या संबंधी ही ली जाएंगी। ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी जांच अधिकारी होंगे, जबकि संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होंगे। जिला परिषद सदस्य पद के लिए अनुमंडल पदाधिकारी जांच अधिकारी और जिला पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होंगे। अपीलीय प्राधिकार का फैसला अंतिम माना जाएगा। सभी पदों पर आरक्षण का होगा निर्धारण प्रपत्र-1 के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायत (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) तथा ग्राम कचहरी के सभी पदों पर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। यह प्रक्रिया बिहार पंचायत राज अधिनियम-2026 (संशोधित) और संबंधित नियमावली के तहत दो क्रमिक चुनावों के बाद आरक्षण आवंटन के प्रावधानों के अनुरूप है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आमजन से अपील की गई है कि वे निर्धारित समयावधि में ही अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।  

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