गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने मंगलवार को निर्माणाधीन संस्कृत दर्शन पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभियंताओं और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ पार्क में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने पार्क में बन रही थीम आधारित संरचनाओं, लैंडस्केपिंग, पैदल मार्गों, प्रकाश व्यवस्था और जल संरचनाओं सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। जीडीए की एक महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह संस्कृत दर्शन पार्क जीडीए की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका निर्माण कार्य अगस्त 2025 में शुरू हुआ था और इसे जून 2026 तक जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। पार्क में संस्कृत भाषा, वेद, उपनिषद, महाकाव्य और भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित जानकारी को आधुनिक एवं आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां संस्कृत श्लोकों और सूक्तियों की प्रदर्शनी, कलात्मक संरचनाएं, फव्वारे, हरित क्षेत्र, ओपन एयर गतिविधि स्थल, आधुनिक बैठक व्यवस्था और आकर्षक प्रकाश सज्जा जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करेगा नंद किशोर कलाल ने बताया कि संस्कृत दर्शन पार्क गाजियाबाद की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करेगा। यह नई पीढ़ी को भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, सुरक्षा और आगंतुक सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यह पार्क गाजियाबाद के प्रमुख पर्यटन और आकर्षण केंद्रों में से एक होगा। अधिकारियों को नियमित निगरानी कर परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


