‘सम्राट चौधरी भाजपा के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री’:तेजस्वी बोले- महिलाओं को कैबिनेट में 33% भी हिस्सा नहीं, 6 माह में बिहार ने देखे 2 CM

‘सम्राट चौधरी भाजपा के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री’:तेजस्वी बोले- महिलाओं को कैबिनेट में 33% भी हिस्सा नहीं, 6 माह में बिहार ने देखे 2 CM

पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीसी की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, वे भाजपा के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं। कैबिनेट गठन में 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल किए गए हैं। तेजस्वी ने ऑन कैमरा दावा किया कि आने वाले समय में दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बच्चों को भी राजनीति में देखा जाएगा। बिहार में सत्ता अब पूरी तरह परिवारवाद के सहारे चल रही है। कहा- मंत्रिमंडल में मुसलमानों को जगह नहीं दी आगे कहा, क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक-एक प्रखंड से दो-दो मंत्री बनाए गए हैं जबकि कई जातियों और वर्गों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रिमंडल में मुसलमानों को पर्याप्त जगह क्यों नहीं दी गई। तेजस्वी ने कहा कि जब लालू यादव की सरकार थी तब 7-8 मुस्लिम मंत्री हुआ करते थे, लेकिन आज उनकी संख्या काफी कम है। महिलाओं का 33 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की बात करती है, लेकिन मंत्रिमंडल में 50 प्रतिशत तो दूर, 33 प्रतिशत का आधा भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार का खजाना खाली है, राज्य सबसे गरीब है और बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बिहार पढ़ाई और दवाई के मामले में फिसड्डी बना हुआ है, मजदूर और किसान दोनों तबाह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इस बात में लगी है कि कौन मंत्री बनेगा और कौन उपमुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि जब 2015 में सरकार बनी थी तब “7 निश्चय” की बात हुई थी, लेकिन अब “7 निश्चय-2” का कोई जिक्र तक नहीं हो रहा। मंत्रिमंडल विस्तार पर सरकार को घेरा मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमला बोला। उन्होंने कहा, सरकार बनने के 6 महीने बाद जाकर मंत्रिमंडल का गठन हुआ। आधा समय सिर्फ सरकार बनाने और कुर्सी बचाने में निकल गया। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि छह महीने में बिहार ने 2 मुख्यमंत्री देख लिए, शायद ही किसी राज्य में ऐसा हुआ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी मंत्री को एक विभाग में 5 महीने तक भी नहीं रखा जाता, जिससे सरकार का कोई विजन नजर नहीं आता और विकास संभव नहीं हो पाता। परिवारवाद के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने भाजपा और एनडीए सरकार को घेरा। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए उन्होंने आगे कहा कि अब भाजपा को परिवारवाद पर बोलने का कोई हक नहीं रह गया है। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग चुनाव लड़कर आते हैं, जनता का जनादेश मिलता है तब कुछ बनते हैं। तेजस्वी ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी परिवारवाद के मुद्दे पर गठबंधन तोड़ा था, लेकिन आज उसी सरकार में परिवारवाद हावी है। उन्होंने दावा किया कि पूरे कैबिनेट में 17 ऐसे मंत्री हैं जिनका राजनीतिक बैकग्राउंड पारिवारिक है। सरकार के किए गए वादों पर बोला हमला शपथ ग्रहण समारोह और सरकार के वादों पर भी तेजस्वी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1.90 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ। फ्री बिजली देने की बात कही गई थी लेकिन बिजली महंगी कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को कार्यक्रम में जबरन लाया गया। तेजस्वी ने पूछा कि छह महीने में सरकार ने ऐसा कौन सा काम किया है जिसे उपलब्धि कहा जा सके। कानून व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में कई ऐसे लोग हैं जिन पर आपराधिक मामले हैं। NEET छात्रा कांड मामले का किया जिक्र तेजस्वी ने NEET छात्रा कांड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार होती और ऐसी घटना हुई होती तो विपक्ष क्या करता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में न इच्छाशक्ति है और न ही सच सुनने की क्षमता। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे पहले क्षेत्रीय दलों को साथ बैठना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर कोई रोक सकता है तो क्षेत्रीय दल ही रोक सकते हैं और सभी की राय लेकर आगे बढ़ना होगा। TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं और राजद कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर चलवाया जा रहा है, उनका सरकारी आवास खाली करवाया जा रहा है, राजद कार्यकर्ताओं पर केस किए जा रहे हैं और एनकाउंटर की राजनीति की जा रही है ताकि सरकार सुर्खियों में बनी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “शहजादा” वाले बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले तक प्रधानमंत्री परिवारवाद पर हमला बोलते थे, लेकिन अब बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने वाले “शहजादे” एनडीए में ही दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब बताएं कि परिवारवाद आखिर किसे कहते हैं। पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीसी की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, वे भाजपा के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं। कैबिनेट गठन में 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल किए गए हैं। तेजस्वी ने ऑन कैमरा दावा किया कि आने वाले समय में दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बच्चों को भी राजनीति में देखा जाएगा। बिहार में सत्ता अब पूरी तरह परिवारवाद के सहारे चल रही है। कहा- मंत्रिमंडल में मुसलमानों को जगह नहीं दी आगे कहा, क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक-एक प्रखंड से दो-दो मंत्री बनाए गए हैं जबकि कई जातियों और वर्गों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रिमंडल में मुसलमानों को पर्याप्त जगह क्यों नहीं दी गई। तेजस्वी ने कहा कि जब लालू यादव की सरकार थी तब 7-8 मुस्लिम मंत्री हुआ करते थे, लेकिन आज उनकी संख्या काफी कम है। महिलाओं का 33 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की बात करती है, लेकिन मंत्रिमंडल में 50 प्रतिशत तो दूर, 33 प्रतिशत का आधा भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार का खजाना खाली है, राज्य सबसे गरीब है और बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बिहार पढ़ाई और दवाई के मामले में फिसड्डी बना हुआ है, मजदूर और किसान दोनों तबाह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इस बात में लगी है कि कौन मंत्री बनेगा और कौन उपमुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि जब 2015 में सरकार बनी थी तब “7 निश्चय” की बात हुई थी, लेकिन अब “7 निश्चय-2” का कोई जिक्र तक नहीं हो रहा। मंत्रिमंडल विस्तार पर सरकार को घेरा मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमला बोला। उन्होंने कहा, सरकार बनने के 6 महीने बाद जाकर मंत्रिमंडल का गठन हुआ। आधा समय सिर्फ सरकार बनाने और कुर्सी बचाने में निकल गया। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि छह महीने में बिहार ने 2 मुख्यमंत्री देख लिए, शायद ही किसी राज्य में ऐसा हुआ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी मंत्री को एक विभाग में 5 महीने तक भी नहीं रखा जाता, जिससे सरकार का कोई विजन नजर नहीं आता और विकास संभव नहीं हो पाता। परिवारवाद के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने भाजपा और एनडीए सरकार को घेरा। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए उन्होंने आगे कहा कि अब भाजपा को परिवारवाद पर बोलने का कोई हक नहीं रह गया है। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग चुनाव लड़कर आते हैं, जनता का जनादेश मिलता है तब कुछ बनते हैं। तेजस्वी ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी परिवारवाद के मुद्दे पर गठबंधन तोड़ा था, लेकिन आज उसी सरकार में परिवारवाद हावी है। उन्होंने दावा किया कि पूरे कैबिनेट में 17 ऐसे मंत्री हैं जिनका राजनीतिक बैकग्राउंड पारिवारिक है। सरकार के किए गए वादों पर बोला हमला शपथ ग्रहण समारोह और सरकार के वादों पर भी तेजस्वी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1.90 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ। फ्री बिजली देने की बात कही गई थी लेकिन बिजली महंगी कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को कार्यक्रम में जबरन लाया गया। तेजस्वी ने पूछा कि छह महीने में सरकार ने ऐसा कौन सा काम किया है जिसे उपलब्धि कहा जा सके। कानून व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में कई ऐसे लोग हैं जिन पर आपराधिक मामले हैं। NEET छात्रा कांड मामले का किया जिक्र तेजस्वी ने NEET छात्रा कांड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार होती और ऐसी घटना हुई होती तो विपक्ष क्या करता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में न इच्छाशक्ति है और न ही सच सुनने की क्षमता। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे पहले क्षेत्रीय दलों को साथ बैठना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर कोई रोक सकता है तो क्षेत्रीय दल ही रोक सकते हैं और सभी की राय लेकर आगे बढ़ना होगा। TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं और राजद कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर चलवाया जा रहा है, उनका सरकारी आवास खाली करवाया जा रहा है, राजद कार्यकर्ताओं पर केस किए जा रहे हैं और एनकाउंटर की राजनीति की जा रही है ताकि सरकार सुर्खियों में बनी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “शहजादा” वाले बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले तक प्रधानमंत्री परिवारवाद पर हमला बोलते थे, लेकिन अब बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने वाले “शहजादे” एनडीए में ही दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब बताएं कि परिवारवाद आखिर किसे कहते हैं।  

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