राजधानी लखनऊ में रविवार को भक्ति और संगीत का संगम देखने को मिला। हनुमान सेतु मंदिर के सत्संग हॉल में सदगुरु शरण ‘चन्द्र’ स्मृति साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की ओर आयोजित 10 दिवसीय भजन कार्यशाला का समापन हो गया । इस कार्यशाला में साधकों की मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। यह कार्यशाला पिछले 10 दिनों से ईश्वरधाम मंदिर में चल रही थी। इसमें प्रसिद्ध संगीत साधक किशोर चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने भजन गायन की बारीकियां सीखीं। सामूहिक स्वर में भजनों की प्रस्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। मधुर आवाजों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया कार्यशाला में नारी शक्ति की विशेष भागीदारी रही। महिलाओं की मधुर आवाजों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान ‘रघुपति राघव राजा राम’, ‘मेरे तो गिरधर गोपाल’ और ‘हनुमान चालीसा’ जैसे लोकप्रिय भजनों से वातावरण गूंज उठा। समापन अवसर पर दिवाकर त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के समर्पण और लगन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।संस्था के सचिव चन्द्र शेखर ने बताया कि यह कार्यशाला केवल संगीत सीखने का मंच नहीं, बल्कि ईश्वर से जुड़ने का एक माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में संस्था ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी भारतीय संस्कृति और भक्ति संगीत को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।


