Russia Europe Aggression: मॉल्डोवा-यूक्रेन सीमा पर रूस के ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे पूर्वी यूरोप में चिंता बढ़ा दी है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड तुस्क ने साफ कहा कि रूस के साथ उनके देश की सीमा चौकियां भी निशाने पर आ सकती हैं।
बुधवार को ओडेसा क्षेत्र में यूक्रेन और मॉल्डोवा की सीमा पर ड्रोन गिरे। दो जानें चली गईं। रूस पहले भी सीमा चौकियों पर हमले कर चुका है। तुस्क ने गुरुवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रात में पोलैंड की एक सीमा चौकी पर सीधा खतरा टल गया। यूक्रेनी सेवाओं के साथ मिलकर काम करने से यह हमला रोका जा सका।
सीमा चौकियां निशाने पर क्यों?
तुस्क ने साफ कहा कि रूस यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए व्यापार मार्गों पर हमले बढ़ा रहा है। सीमा चौकियां सामान आने-जाने का मुख्य रास्ता हैं। इन पर हमला होने से यूक्रेन को बड़ी मुश्किल हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मॉल्डोवा वाली घटना सिर्फ शुरुआत है। पोलैंड समेत दूसरे देशों की सीमाएं भी निशाने पर आ सकती हैं। नाटो के पूर्वी हिस्से वाले देशों को तैयार रहना होगा। तुस्क कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि रूस की तरफ से उकसावे वाली कार्रवाई हो सकती है।
सीआईए की रिपोर्ट में भी बड़ा खुलासा
तुस्क ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें सीआईए से आने वाले महीनों की संभावित घटनाओं के बारे में कुछ रिपोर्ट मिली है। यह रिपोर्ट उसी दिशा में है जो वे पिछले कई महीनों से कह रहे थे।
पोलैंड और पूरे यूरोप को अलग-अलग हालात के लिए तैयार रहना होगा। सिर्फ रूस-यूक्रेन मोर्चे पर नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ की पूर्वी सीमा पर भी खतरा हो सकता है।
रूस अब तक चुप
रूस की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है। तुस्क की बातों पर मॉस्को चुप है। पोलैंड पहले से सतर्क है। सीमा सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। यूक्रेनी सहयोगियों के साथ जानकारी का आदान-प्रदान चल रहा है। यूरोप के नेता भी इस चेतावनी को गंभीरता से ले रहे हैं।
अब अनुमान है कि आने वाले समय में और घटनाएं हो सकती हैं। तुस्क ने कहा- यूरोप को एकजुट रहकर जवाब देना होगा। सीमा पर नजर रखनी होगी। कोई भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

