बाब अल-मंदब स्ट्रेट से महज 70 KM दूर है मोचा, ईरान समर्थित हूतियों के कब्जे से क्यों दुनिया भर में बढ़ी चिंता?

बाब अल-मंदब स्ट्रेट से महज 70 KM दूर है मोचा, ईरान समर्थित हूतियों के कब्जे से क्यों दुनिया भर में बढ़ी चिंता?

Bab al-Mandab Strait Threat: यमन में युद्ध नया मोड़ ले चुका है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के किनारे बसे मोचा शहर पर कब्जा कर लिया है। इस घटना के बाद पूरी दुनिया की शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया है।

मोचा ताइज प्रांत में पड़ता है। गुरुवार को कई घंटे की भीषण लड़ाई के बाद हूती फौजें शहर में घुस गईं। सरकारी सैनिक पीछे हटते हुए धुबाब की तरफ चले गए।

बाब अल-मंदब स्ट्रेट से 70 किलोमीटर दूर है मोचा

धुबाब मोचा और बाब अल-मंदब स्ट्रेट के बीच का तटीय इलाका है। मोचा इस स्ट्रेट के सबसे संकरे हिस्से से करीब 70 किलोमीटर उत्तर में है। यहां कब्जे के बाद हूतियों का रास्ता अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते की तरफ और खुल गया है।

लाल सागर से अदन की खाड़ी जोड़ने वाला बाब अल-मंदब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में तेल और माल के जहाज गुजरते हैं।

सऊदी अरब की तरफ से भी कार्रवाई तेज

हूतियों के आगे बढ़ने से इस रास्ते पर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय अधिकारी के मुताबिक, पश्चिमी तट पर चल रही लड़ाई से हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं।सऊदी अरब की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है।

सरकारी सबा न्यूज एजेंसी के अनुसार सऊदी लड़ाकू विमानों ने ताइज, होदेदा, अल-जौफ और मारिब प्रांतों में पिछले कुछ घंटों में करीब 40 हवाई हमले किए हैं।

सऊदी अरब की कार्रवाई पर हूती ने क्या कहा?

हूती प्रवक्ता यह्या सारे ने दावा किया कि पिछले 12 घंटों में 55 हवाई हमले हुए। इन हमलों में अल-जौफ, सादा, मारिब, अल-बैदा, ताइज और होदेदा शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ये हमले बिना जवाब के नहीं रहेंगे।

एक दिन पहले हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इनमें ऊर्जा सुविधाएं और एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया गया था। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में 73 लोग घायल हुए और कई जगह आग लग गई।

सेनाएं पीछे हट रहीं

हूती पहले से ही होदेदा जैसे बंदरगाहों पर नियंत्रण रखते आए हैं। अब मोचा पर कब्जे से उनका प्रभाव और फैल गया है। सरकारी सेनाएं पीछे हट रही हैं और आम लोग लगातार विस्थापित हो रहे हैं।

दोनों तरफ से हमले और जवाबी हमले जारी हैं। सऊदी अरब की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हूतियों ने भी आगे की रणनीति स्पष्ट नहीं की है। लेकिन मोचा का कब्जा साफ बताता है कि युद्ध का मैदान अब लाल सागर के किनारे शिफ्ट हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *