(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर दुनिया के पूर्व नंबर एक युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना को एआईटीए उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ी (एसओएम) की सूची में जगह नहीं मिली है क्योंकि राष्ट्रीय खेल प्रशासन नियमों , 2026 के तहत खेल से संन्यास को कम से कम एक वर्ष पूरा होने की शर्त वह पूरी नहीं करते। 46 वर्ष के बोपन्ना ने पेशेवर टेनिस से एक नवंबर 2025 को संन्यास लिया था। एआईटीए ने जब 16 अक्टूबर 2026 को एसओएम रोस्टर जारी किया जो उसमें बोपन्ना संन्यास को एक साल पूरा होने की अवधि से कुछ दिन से चूक गए।नियम के तहत एसओएम रोस्टर में शामिल होने के लिये खिलाड़ी का सक्रिय खेल से कम से कम एक साल पहले संन्यास लेना जरूरी है। एआईटीए के नामांकन फॉर्म में उम्मीदवार को यह भी प्रमाणित करना होता है कि उन्होंने आवेदन जमा करने से कम से कम एक साल पहले ऐसे किसी भी प्रतिस्पर्धी खेल में हिस्सा नहीं लिया है, जिससे उन्हें किसी जिला, प्रदेश या भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया हो। बोपन्ना को अपना नाम देने के लिए गलत नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उन्होंने प्रशासक गीता मित्तल से अपनी योग्यता के बारे में पूछा था और आवेदन तभी भेजा था जब टेनिस संघ से यह भरोसा मिला था कि वह मानदंडों पर खरे उतरते हैं।यह गलतफहमी इसलिये भी हुई होगी क्योंकि एआईटीए को लगा कि भारत के लिये वह आखिरी बार 2024 में खेले थे और पात्रता रखते हैं लेकिन वह प्रो एटीपी टूर पर अक्टूबर 2025 तक खेले हैं।
(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर दुनिया के पूर्व नंबर एक युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना को एआईटीए उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ी (एसओएम) की सूची में जगह नहीं मिली है क्योंकि राष्ट्रीय खेल प्रशासन नियमों , 2026 के तहत खेल से संन्यास को कम से कम एक वर्ष पूरा होने की शर्त वह पूरी नहीं करते। 46 वर्ष के बोपन्ना ने पेशेवर टेनिस से एक नवंबर 2025 को संन्यास लिया था। एआईटीए ने जब 16 अक्टूबर 2026 को एसओएम रोस्टर जारी किया जो उसमें बोपन्ना संन्यास को एक साल पूरा होने की अवधि से कुछ दिन से चूक गए।
नियम के तहत एसओएम रोस्टर में शामिल होने के लिये खिलाड़ी का सक्रिय खेल से कम से कम एक साल पहले संन्यास लेना जरूरी है। एआईटीए के नामांकन फॉर्म में उम्मीदवार को यह भी प्रमाणित करना होता है कि उन्होंने आवेदन जमा करने से कम से कम एक साल पहले ऐसे किसी भी प्रतिस्पर्धी खेल में हिस्सा नहीं लिया है, जिससे उन्हें किसी जिला, प्रदेश या भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया हो। बोपन्ना को अपना नाम देने के लिए गलत नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उन्होंने प्रशासक गीता मित्तल से अपनी योग्यता के बारे में पूछा था और आवेदन तभी भेजा था जब टेनिस संघ से यह भरोसा मिला था कि वह मानदंडों पर खरे उतरते हैं।
यह गलतफहमी इसलिये भी हुई होगी क्योंकि एआईटीए को लगा कि भारत के लिये वह आखिरी बार 2024 में खेले थे और पात्रता रखते हैं लेकिन वह प्रो एटीपी टूर पर अक्टूबर 2025 तक खेले हैं।
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