गया शहर में विकास के दावों के बावजूद, नगर निगम के वार्ड संख्या-28 स्थित कटारी हिल आदर्श नगर की सड़क बदहाली का शिकार है। यह सड़क सालों से उपेक्षित है और अब गड्ढों का जाल बन चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कटारी हिल आदर्श नगर की मुख्य सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे कई स्थानों पर केवल मिट्टी ही दिखाई देती है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को इस रास्ते से गुजरने में काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। रात के समय सड़क पर चलना और भी जोखिम भरा हो जाता है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढों का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव हो जाता है। गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क की समतल सतह और गहरे गड्ढों के बीच का अंतर पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। सड़क पर फैले कीचड़ और पानी के कारण लोगों के कपड़े खराब होते हैं और रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मोहल्ले के निवासी सुरेश प्रसाद ने सड़क की बदहाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आदर्श नगर में आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। यह स्थिति शहर में बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलती है और स्थानीय लोगों के लिए दैनिक जीवन को चुनौतीपूर्ण बनाती है। सड़क अब भी मिट्टी की बनी हुई उन्होंने बताया कि मोहल्ले की सड़क अब भी मिट्टी की बनी हुई है और समय के साथ इसकी स्थिति और खराब होती चली गई है। सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हल्की बारिश होने पर भी पानी जमा हो जाता है, जिससे पूरे इलाके में कीचड़ फैल जाता है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को रोजाना कीचड़ और गंदगी के बीच होकर स्कूल जाना पड़ता है, जबकि बुजुर्गों और महिलाओं को फिसलने का डर बना रहता है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और नगर निगम के अधिकारी इस समस्या के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अधिकारी क्षेत्र की समस्याओं को भूल जाते मोहल्लेवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनप्रतिनिधि और अधिकारी क्षेत्र की समस्याओं को भूल जाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले मानसून में स्थिति और भयावह हो सकती है। स्थानीय लोगों ने गया नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क का पक्कीकरण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि हजारों लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके। इस संबंध में वार्ड पार्षद का कहना है की मोहल्ले वासियों के की ओर से लिखित शिकायत दी गई है और हमें अवगत कराया गया है। हमने नगर आयुक्त को इसकी जानकारी दे चुके हैं, स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सड़क का निर्माण कर दिया जाएगा। गया शहर में विकास के दावों के बावजूद, नगर निगम के वार्ड संख्या-28 स्थित कटारी हिल आदर्श नगर की सड़क बदहाली का शिकार है। यह सड़क सालों से उपेक्षित है और अब गड्ढों का जाल बन चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कटारी हिल आदर्श नगर की मुख्य सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे कई स्थानों पर केवल मिट्टी ही दिखाई देती है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को इस रास्ते से गुजरने में काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। रात के समय सड़क पर चलना और भी जोखिम भरा हो जाता है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढों का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव हो जाता है। गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क की समतल सतह और गहरे गड्ढों के बीच का अंतर पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। सड़क पर फैले कीचड़ और पानी के कारण लोगों के कपड़े खराब होते हैं और रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मोहल्ले के निवासी सुरेश प्रसाद ने सड़क की बदहाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आदर्श नगर में आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। यह स्थिति शहर में बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलती है और स्थानीय लोगों के लिए दैनिक जीवन को चुनौतीपूर्ण बनाती है। सड़क अब भी मिट्टी की बनी हुई उन्होंने बताया कि मोहल्ले की सड़क अब भी मिट्टी की बनी हुई है और समय के साथ इसकी स्थिति और खराब होती चली गई है। सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हल्की बारिश होने पर भी पानी जमा हो जाता है, जिससे पूरे इलाके में कीचड़ फैल जाता है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को रोजाना कीचड़ और गंदगी के बीच होकर स्कूल जाना पड़ता है, जबकि बुजुर्गों और महिलाओं को फिसलने का डर बना रहता है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और नगर निगम के अधिकारी इस समस्या के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अधिकारी क्षेत्र की समस्याओं को भूल जाते मोहल्लेवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनप्रतिनिधि और अधिकारी क्षेत्र की समस्याओं को भूल जाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले मानसून में स्थिति और भयावह हो सकती है। स्थानीय लोगों ने गया नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क का पक्कीकरण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि हजारों लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके। इस संबंध में वार्ड पार्षद का कहना है की मोहल्ले वासियों के की ओर से लिखित शिकायत दी गई है और हमें अवगत कराया गया है। हमने नगर आयुक्त को इसकी जानकारी दे चुके हैं, स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सड़क का निर्माण कर दिया जाएगा।


