राजद का महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ धरना:पूर्णिया में कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

राजद का महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ धरना:पूर्णिया में कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड परिसर में महंगाई, बेरोजगारी और बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। धरने को संबोधित करते हुए राजद महानगर अध्यक्ष सबी अहमद ने कहा कि महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को महंगाई का प्रमुख कारण बताया, जिसका सीधा असर गरीबों, किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं पर पड़ रहा है। अहमद ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए जा रहे कर और सरचार्ज महंगाई बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट और अन्य करों में राहत दे, तो आम जनता को काफी राहत मिल सकती है। जिला प्रधान महासचिव अभय कुमार सिन्हा ने बिहार की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि राज्य आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में शामिल है। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय की तुलना में बिहार काफी पीछे है। सिन्हा ने दावा किया कि जातीय गणना के अनुसार, राज्य के लगभग 34 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं, और 94 लाख से अधिक परिवार गरीब श्रेणी में आते हैं। वक्ताओं ने राज्य सरकार की “समृद्धि यात्रा” पर भी सवाल उठाए और इसे जनता को भ्रमित करने का प्रयास बताया। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन और गरीबों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। धरना कार्यक्रम में आलोक यादव, शांतनु घोष, राधा रानी साह, सपना गुप्ता, बबलू गुप्ता, रामप्रवेश पोद्दार, रजी अहमद, रंजीत घोष, टूटू घोष, मसीहूल हक, बंसी यादव सहित कई राजद नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड परिसर में महंगाई, बेरोजगारी और बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। धरने को संबोधित करते हुए राजद महानगर अध्यक्ष सबी अहमद ने कहा कि महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को महंगाई का प्रमुख कारण बताया, जिसका सीधा असर गरीबों, किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं पर पड़ रहा है। अहमद ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए जा रहे कर और सरचार्ज महंगाई बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट और अन्य करों में राहत दे, तो आम जनता को काफी राहत मिल सकती है। जिला प्रधान महासचिव अभय कुमार सिन्हा ने बिहार की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि राज्य आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में शामिल है। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय की तुलना में बिहार काफी पीछे है। सिन्हा ने दावा किया कि जातीय गणना के अनुसार, राज्य के लगभग 34 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं, और 94 लाख से अधिक परिवार गरीब श्रेणी में आते हैं। वक्ताओं ने राज्य सरकार की “समृद्धि यात्रा” पर भी सवाल उठाए और इसे जनता को भ्रमित करने का प्रयास बताया। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन और गरीबों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। धरना कार्यक्रम में आलोक यादव, शांतनु घोष, राधा रानी साह, सपना गुप्ता, बबलू गुप्ता, रामप्रवेश पोद्दार, रजी अहमद, रंजीत घोष, टूटू घोष, मसीहूल हक, बंसी यादव सहित कई राजद नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

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