उन्नाव में गंगा नदी पर बने रेलवे पुल की डाउन लाइन पर मरम्मत कार्य आठवें दिन भी जारी रहा। यह अभियान वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पुल की मजबूती और ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 36 मीटर रेलवे ट्रैक को दुरुस्त किया जा चुका है और कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मरम्मत कार्य में बड़ी संख्या में इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और मजदूर दिन-रात जुटे हुए हैं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों का उपयोग कर ट्रैक की लाइनिंग, स्लीपर बदलने और जॉइंट्स को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार कार्य का निरीक्षण कर गुणवत्ता की समीक्षा कर रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
कार्यस्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि पुल पर काम करना जोखिम भरा और अत्यधिक श्रमसाध्य है। उनका कहना है कि यदि मूलभूत सुविधाएं बेहतर हों, तो वे अधिक उत्साह और ऊर्जा के साथ काम कर सकते हैं। कुछ श्रमिकों ने यह भी बताया कि लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान उचित विश्राम व्यवस्था न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मजदूरों की शिकायतों की जांच की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। गंगा पुल रेलवे नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मरम्मत कार्य के पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित तथा सुचारु हो सकेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि विभाग जहां एक ओर तकनीकी गुणवत्ता पर ध्यान दे रहा है, वहीं श्रमिकों की सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा, ताकि कार्य समय पर और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।


