बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) प्रतियोगिता परीक्षा जिले के 17 निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर दूसरे दिन भी स्वच्छ, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा के दूसरे दिन, प्रथम पाली में कुल 2688 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 3768 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई यह परीक्षा 14 अप्रैल से शुरू होकर 21 अप्रैल 2026 तक (16 और 19 अप्रैल को छोड़कर) विभिन्न चरणों में दो पालियों में आयोजित की जा रही है। जिले में कुल लगभग 19 हजार अभ्यर्थी इस प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। BPSC द्वारा कुल 935 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुव्यवस्था के साथ संपन्न कराने के लिए कड़े इंतजाम किए थे। सभी 17 केंद्रों पर केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक, जोनल दंडाधिकारी-सह-गश्ती दल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता टीम, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल, सहायक परीक्षा संयोजक और नोडल पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सीसीटीवी निगरानी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी सुनिश्चित जिलाधिकारी अररिया ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि परीक्षा को किसी भी प्रकार की अनियमितता से मुक्त रखते हुए पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों को समय पर केंद्र पहुंचने और परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई थी। शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन की सक्रियता सराहनीय रही और अभ्यर्थियों ने भी व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। शेष चरणों में भी परीक्षा के इसी शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न होने की उम्मीद है। BPSC की यह परीक्षा बिहार में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) प्रतियोगिता परीक्षा जिले के 17 निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर दूसरे दिन भी स्वच्छ, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा के दूसरे दिन, प्रथम पाली में कुल 2688 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 3768 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई यह परीक्षा 14 अप्रैल से शुरू होकर 21 अप्रैल 2026 तक (16 और 19 अप्रैल को छोड़कर) विभिन्न चरणों में दो पालियों में आयोजित की जा रही है। जिले में कुल लगभग 19 हजार अभ्यर्थी इस प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। BPSC द्वारा कुल 935 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुव्यवस्था के साथ संपन्न कराने के लिए कड़े इंतजाम किए थे। सभी 17 केंद्रों पर केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक, जोनल दंडाधिकारी-सह-गश्ती दल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता टीम, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल, सहायक परीक्षा संयोजक और नोडल पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सीसीटीवी निगरानी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी सुनिश्चित जिलाधिकारी अररिया ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि परीक्षा को किसी भी प्रकार की अनियमितता से मुक्त रखते हुए पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों को समय पर केंद्र पहुंचने और परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई थी। शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन की सक्रियता सराहनीय रही और अभ्यर्थियों ने भी व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। शेष चरणों में भी परीक्षा के इसी शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न होने की उम्मीद है। BPSC की यह परीक्षा बिहार में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


