काराकाट में 119-ए एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण पर किसानों का प्रदर्शन:कहा- आवासीय क्षेत्र को कृषि भूमि दर्शाया गया, नहीं मिल रहा उचित मुआवजा

काराकाट में 119-ए एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण पर किसानों का प्रदर्शन:कहा- आवासीय क्षेत्र को कृषि भूमि दर्शाया गया, नहीं मिल रहा उचित मुआवजा

रोहतास में इन दिनों ग्रीनफील्ड 119-ए एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। लेकिन सीमांकन को लेकर किसानों और भू-मालिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जिस भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है वह आवासीय और व्यावसायिक है, लेकिन कागजों में उसे कृषि भूमि के रूप में दर्शाया गया है और उसी के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है।
किसानों ने क्या कहा किसानों ने बताया कि गोड़री ग्राम को वर्ष 2021 में नगर पंचायत में शामिल किया गया था, जिसके बाद यहां की सभी भूमि का निबंधन आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में हो चुका है। लेकिन अधिग्रहण नोटिस में भूमि को ‘कृषि’ के रूप में दर्शाया गया है। उनका कहना है कि अधिगृहित भूमि का मुआवजा 2013 के बाजार मूल्य (MVR) के बजाय नगर के वर्तमान आवासीय-व्यावसायिक दर्जे के अनुसार 2021 के बाद के बाजार मूल्य के हिसाब से तय किया जाए। प्रदर्शन की चेतावनी किसानों ने चेतावी दी है कि उचित मुआवजे की व्यवस्था के बिना भूमि का सीमांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अपर भू-अर्जन जिला पदाधिकारी जयप्रकाश राय ने किसानों की मांगों को वाजिब बताया। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं को लिखित रूप में नोट कर जिला स्तर पर भेजा जाएगा और उचित समय में इसका निराकरण किया जाएगा। वहीं दूसरे अपर भू-अर्जन जिला पदाधिकारी चंद्रकांत सिंह ने स्पष्ट किया कि मुआवजे से जुड़े निर्णय भू-अर्जन आयुक्त के दायरे में आते हैं, लेकिन किसानों की मांगों को निश्चित रूप से आगे भेजा जाएगा।
इन किसानों ने किया विरोध किसान मनीष कुमार उर्फ पप्पू तिवारी और सत्येन्द्र तिवारी सहित कई भू-मालिकों ने नारेबाजी के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर एनएचएआई के सहायक अभियंता रवि रंजन, भू-अर्जन जिला अमीन बबन सिंह, अर्बिट्रेटर आदित्य कुमार के अलावा अनंत तिवारी, दीपक कुमार तिवारी, संजय कुमार तिवारी, मंगलेश पांडे, शेषनाथ प्रसाद, मनीष कुमार तिवारी, अजय कुमार तिवारी, अशोक कुमार तिवारी, राजकुमार शर्मा, शिव शंकर प्रसाद, रामजग तिवारी, कुमार गौतम, सुशील कुमार, वाचस्पति तिवारी, भगवती शरण तिवारी और रूपेश कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। रोहतास में इन दिनों ग्रीनफील्ड 119-ए एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। लेकिन सीमांकन को लेकर किसानों और भू-मालिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जिस भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है वह आवासीय और व्यावसायिक है, लेकिन कागजों में उसे कृषि भूमि के रूप में दर्शाया गया है और उसी के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है।
किसानों ने क्या कहा किसानों ने बताया कि गोड़री ग्राम को वर्ष 2021 में नगर पंचायत में शामिल किया गया था, जिसके बाद यहां की सभी भूमि का निबंधन आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में हो चुका है। लेकिन अधिग्रहण नोटिस में भूमि को ‘कृषि’ के रूप में दर्शाया गया है। उनका कहना है कि अधिगृहित भूमि का मुआवजा 2013 के बाजार मूल्य (MVR) के बजाय नगर के वर्तमान आवासीय-व्यावसायिक दर्जे के अनुसार 2021 के बाद के बाजार मूल्य के हिसाब से तय किया जाए। प्रदर्शन की चेतावनी किसानों ने चेतावी दी है कि उचित मुआवजे की व्यवस्था के बिना भूमि का सीमांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अपर भू-अर्जन जिला पदाधिकारी जयप्रकाश राय ने किसानों की मांगों को वाजिब बताया। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं को लिखित रूप में नोट कर जिला स्तर पर भेजा जाएगा और उचित समय में इसका निराकरण किया जाएगा। वहीं दूसरे अपर भू-अर्जन जिला पदाधिकारी चंद्रकांत सिंह ने स्पष्ट किया कि मुआवजे से जुड़े निर्णय भू-अर्जन आयुक्त के दायरे में आते हैं, लेकिन किसानों की मांगों को निश्चित रूप से आगे भेजा जाएगा।
इन किसानों ने किया विरोध किसान मनीष कुमार उर्फ पप्पू तिवारी और सत्येन्द्र तिवारी सहित कई भू-मालिकों ने नारेबाजी के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर एनएचएआई के सहायक अभियंता रवि रंजन, भू-अर्जन जिला अमीन बबन सिंह, अर्बिट्रेटर आदित्य कुमार के अलावा अनंत तिवारी, दीपक कुमार तिवारी, संजय कुमार तिवारी, मंगलेश पांडे, शेषनाथ प्रसाद, मनीष कुमार तिवारी, अजय कुमार तिवारी, अशोक कुमार तिवारी, राजकुमार शर्मा, शिव शंकर प्रसाद, रामजग तिवारी, कुमार गौतम, सुशील कुमार, वाचस्पति तिवारी, भगवती शरण तिवारी और रूपेश कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *