नवादा जिले के नरहट प्रखंड में बुधवार को पोषण पखवाड़ा अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बाल विकास परियोजना नरहट द्वारा स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित किया गया, जिसका संचालन सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने किया, जबकि इसकी देखरेख आईसीडीएस प्रभारी निरुपमा शंकर ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली की आदतों को बढ़ावा देना और महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने बच्चों को जंक फूड से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने दैनिक भोजन में फल, हरी सब्जियां, दाल, अनाज और दूध को शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बचपन में सही खान-पान की आदतें विकसित होने से भविष्य में कई बीमारियों से बचाव संभव है। इसके साथ ही बच्चों को नियमित व्यायाम और स्वच्छता अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। महिलाओं को संबोधित करते हुए ज्योति सिन्हा ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए माताओं की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी महिलाओं को शपथ दिलाई कि वे अपने परिवार में पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देंगी और बच्चों को जंक फूड से दूर रखेंगी। आईसीडीएस प्रभारी निरुपमा शंकर ने बताया कि पोषण पखवाड़ा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ बनाने की एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कुपोषण को समाप्त करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और लोगों को पोषण संबंधी जानकारी दी। नवादा जिले के नरहट प्रखंड में बुधवार को पोषण पखवाड़ा अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बाल विकास परियोजना नरहट द्वारा स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित किया गया, जिसका संचालन सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने किया, जबकि इसकी देखरेख आईसीडीएस प्रभारी निरुपमा शंकर ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली की आदतों को बढ़ावा देना और महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सीडीपीओ ज्योति सिन्हा ने बच्चों को जंक फूड से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने दैनिक भोजन में फल, हरी सब्जियां, दाल, अनाज और दूध को शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बचपन में सही खान-पान की आदतें विकसित होने से भविष्य में कई बीमारियों से बचाव संभव है। इसके साथ ही बच्चों को नियमित व्यायाम और स्वच्छता अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। महिलाओं को संबोधित करते हुए ज्योति सिन्हा ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए माताओं की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी महिलाओं को शपथ दिलाई कि वे अपने परिवार में पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देंगी और बच्चों को जंक फूड से दूर रखेंगी। आईसीडीएस प्रभारी निरुपमा शंकर ने बताया कि पोषण पखवाड़ा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ बनाने की एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कुपोषण को समाप्त करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और लोगों को पोषण संबंधी जानकारी दी।


