अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर आज शहर के अनुग्रह मध्य विद्यालय में दूसरे दिन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और शिक्षकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। अग्निशमन विभाग की टीम ने इस दौरान आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर सभी को सतर्क रहने की सीख दी। मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों को बताया गया कि आग लगने की घटनाएं अक्सर छोटी-छोटी लापरवाही के कारण होती हैं, जैसे गैस सिलेंडर का गलत उपयोग, बिजली के उपकरणों में खराबी या लापरवाही से जलती वस्तुओं को छोड़ देना। इन घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि यदि किसी स्थान पर आग लग जाए तो घबराने की बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर निकलें और दूसरों को भी सतर्क करें। कार्यक्रम में अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों का उपयोग करने का तरीका भी समझाया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर आग को नियंत्रित करने के लिए बालू, पानी या फायर एक्सटिंग्विशर का सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर से जुड़ी सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे घरेलू स्तर पर भी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी ने कहा कि अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से बच्चों में जिम्मेदारी और सतर्कता की भावना विकसित होती है। ये बच्चे आगे चलकर अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकते हैं। सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी लालकेश्वर प्रसाद और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रमाकांत सिंह ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आग से बचाव के लिए जानकारी और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने बच्चों को आपात स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। आग लगी से बचाव के तरीके बताए बताते चले की कल यानी मंगलवार से ही अग्निशमन सेवा सप्ताह का शुभारंभ किया गया है। अभियान के दौरान लोगों को आग लगी से बचाव की जानकारी दी जा रही है। पहले दिन सदर अस्पताल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। जहां डीएम की मौजूदगी में लोगों को आग लगी से बचाव के तरीके बताए गए थे। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि जागरूकता को लेकर पूरे सप्ताह यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। जो जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। इस मौके पर प्रधान अग्निक भृगु शंकर कुमार, अग्निक चालक फिरोज अनवर, अभिषेक कुमार, मंजीत पाण्डेय, आलोक कुमार, अग्निक सोनू कुमार, कुणाल कुमार एवं रोशनी कुमारी समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अग्नि सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा और भविष्य में सतर्क रहने का संकल्प लिया। अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर आज शहर के अनुग्रह मध्य विद्यालय में दूसरे दिन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और शिक्षकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। अग्निशमन विभाग की टीम ने इस दौरान आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर सभी को सतर्क रहने की सीख दी। मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों को बताया गया कि आग लगने की घटनाएं अक्सर छोटी-छोटी लापरवाही के कारण होती हैं, जैसे गैस सिलेंडर का गलत उपयोग, बिजली के उपकरणों में खराबी या लापरवाही से जलती वस्तुओं को छोड़ देना। इन घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि यदि किसी स्थान पर आग लग जाए तो घबराने की बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर निकलें और दूसरों को भी सतर्क करें। कार्यक्रम में अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों का उपयोग करने का तरीका भी समझाया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर आग को नियंत्रित करने के लिए बालू, पानी या फायर एक्सटिंग्विशर का सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर से जुड़ी सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे घरेलू स्तर पर भी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी ने कहा कि अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से बच्चों में जिम्मेदारी और सतर्कता की भावना विकसित होती है। ये बच्चे आगे चलकर अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकते हैं। सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी लालकेश्वर प्रसाद और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रमाकांत सिंह ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आग से बचाव के लिए जानकारी और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने बच्चों को आपात स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। आग लगी से बचाव के तरीके बताए बताते चले की कल यानी मंगलवार से ही अग्निशमन सेवा सप्ताह का शुभारंभ किया गया है। अभियान के दौरान लोगों को आग लगी से बचाव की जानकारी दी जा रही है। पहले दिन सदर अस्पताल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। जहां डीएम की मौजूदगी में लोगों को आग लगी से बचाव के तरीके बताए गए थे। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि जागरूकता को लेकर पूरे सप्ताह यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। जो जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। इस मौके पर प्रधान अग्निक भृगु शंकर कुमार, अग्निक चालक फिरोज अनवर, अभिषेक कुमार, मंजीत पाण्डेय, आलोक कुमार, अग्निक सोनू कुमार, कुणाल कुमार एवं रोशनी कुमारी समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अग्नि सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा और भविष्य में सतर्क रहने का संकल्प लिया।


