मानक के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है पर्यटन भवन का री-मॉडलिंग कार्य

मानक के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है पर्यटन भवन का री-मॉडलिंग कार्य

भास्कर न्यूज| गोविंदगंज अरेराज में पर्यटन विभाग द्वारा पुराने पर्यटक भवन का जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है। जिसमें मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। अरेराज सोमेश्वर नाथ मंदिर विकास कार्य के तहत 106 करोड़ की राशि सरकार के द्वारा पूर्व में दी गई थी। जिसके तहत मंदिर के उत्तर दिशा में स्थित पुराने पर्यटन भवन का री मॉडलिंग कार्य चल रहा है। भवन के अंदर से तोड कर उसे बेहतर व आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बनाना है। कार्य कराने का जिम्मा सरकार के द्वारा इंद्र नारायण सिंह कंट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड पटना को दिया गया है। जिसके द्वारा मानक के अनुरूप कार्य को नहीं कराया जा रहा है। साथ ही पर्यटन विभाग के पदाधिकारी द्वारा भी उक्त कार्य का मुआयना नहीं किया जा रहा है। जिससे कार्य के गुणवत्ता को बल मिले। अरेराज के दीपक गिरी, ज्योति शंकर गिरी सहित अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि मानक के अनुरूप संवेदक के द्वारा कार्य को नहीं कराया जा रहा है। सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अगर पर्यटन भवन मानक के अनुरूप ठीक ढंग से नहीं बना तो एक तरफ जहां सरकार के पैसे का नुकसान होगा। भास्कर न्यूज| गोविंदगंज अरेराज में पर्यटन विभाग द्वारा पुराने पर्यटक भवन का जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है। जिसमें मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। अरेराज सोमेश्वर नाथ मंदिर विकास कार्य के तहत 106 करोड़ की राशि सरकार के द्वारा पूर्व में दी गई थी। जिसके तहत मंदिर के उत्तर दिशा में स्थित पुराने पर्यटन भवन का री मॉडलिंग कार्य चल रहा है। भवन के अंदर से तोड कर उसे बेहतर व आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बनाना है। कार्य कराने का जिम्मा सरकार के द्वारा इंद्र नारायण सिंह कंट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड पटना को दिया गया है। जिसके द्वारा मानक के अनुरूप कार्य को नहीं कराया जा रहा है। साथ ही पर्यटन विभाग के पदाधिकारी द्वारा भी उक्त कार्य का मुआयना नहीं किया जा रहा है। जिससे कार्य के गुणवत्ता को बल मिले। अरेराज के दीपक गिरी, ज्योति शंकर गिरी सहित अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि मानक के अनुरूप संवेदक के द्वारा कार्य को नहीं कराया जा रहा है। सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अगर पर्यटन भवन मानक के अनुरूप ठीक ढंग से नहीं बना तो एक तरफ जहां सरकार के पैसे का नुकसान होगा।  

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