गोपालगंज में JDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से राहत:अन्य 2 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तारी तय

गोपालगंज में JDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से राहत:अन्य 2 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तारी तय

गोपालगंज के बहुचर्चित 16 एकड़ जमीन कब्जा मामले में JDU विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को अदालत से फिलहाल राहत मिल गई है। वहीं, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है, जिससे उन पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। व्यवहार न्यायालय के एडीजे-3 सह MP MLA की स्पेशल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने विधायक पप्पू पांडेय की सुनवाई के लिए 27 मई तक की तारीख मुकर्रर की है। उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी आगामी 27 मई तक के लिए बरकरार रखा गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी को बड़ा झटका लगा इस मामले में नामजद अन्य मुख्य आरोपी सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी को बड़ा झटका लगा है। इन दोनों पर भू-माफियाओं को कथित रूप से संरक्षण देने और मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस उन्हें कभी भी हिरासत में ले सकती है। राहुल तिवारी के बचाव पक्ष के वकील, पटना हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित और सिविल कोर्ट के वरीय अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने बताया कि कोर्ट ने विधायक पप्पू पांडेय के मामले की अगली सुनवाई 27 मई को तय की है, जबकि अन्य अभियुक्तों की याचिका खारिज कर दी गई है। 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास दीक्षित ने आगे कहा कि विस्तृत आदेश मिलने के बाद वे इसकी समीक्षा करेंगे, लेकिन यह तय है कि वे हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने तर्क दिया कि चार दिन की बहस में कोर्ट को बताया गया था कि राहुल तिवारी पर कोई मामला नहीं बनता है, फिर भी जमानत खारिज हुई है, जिसके आधार की समीक्षा की जाएगी। उनपर कोई स्पेस्पिक एलिगेशन नहीं था। पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय के केस में कॉन्सिपरेटर था। कॉन्सपिरेसी का एलिगेशन था। बता दें कि यह पूरा मामला चायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा इलाके से जुड़ा है। आरोप है कि भू-माफियाओं के साथ मिलकर करीब 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। जान से मारने की धमकी दी गई पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि इस जमीन पर जबरन कब्जा जमाने के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरे खेल में भू-माफियाओं को जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय, सीए राहुल तिवारी और सतीश पांडेय का सीधा संरक्षण प्राप्त था, फिलहाल अब सबकी नजरें 27 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट तय करेगा कि विधायक पप्पू पांडेय की राहत बरकरार रहेगी या पुलिस को उन पर भी शिकंजा कसने की हरी झंडी मिलेगी। गोपालगंज के बहुचर्चित 16 एकड़ जमीन कब्जा मामले में JDU विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को अदालत से फिलहाल राहत मिल गई है। वहीं, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है, जिससे उन पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। व्यवहार न्यायालय के एडीजे-3 सह MP MLA की स्पेशल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने विधायक पप्पू पांडेय की सुनवाई के लिए 27 मई तक की तारीख मुकर्रर की है। उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी आगामी 27 मई तक के लिए बरकरार रखा गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी को बड़ा झटका लगा इस मामले में नामजद अन्य मुख्य आरोपी सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी को बड़ा झटका लगा है। इन दोनों पर भू-माफियाओं को कथित रूप से संरक्षण देने और मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस उन्हें कभी भी हिरासत में ले सकती है। राहुल तिवारी के बचाव पक्ष के वकील, पटना हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित और सिविल कोर्ट के वरीय अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने बताया कि कोर्ट ने विधायक पप्पू पांडेय के मामले की अगली सुनवाई 27 मई को तय की है, जबकि अन्य अभियुक्तों की याचिका खारिज कर दी गई है। 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास दीक्षित ने आगे कहा कि विस्तृत आदेश मिलने के बाद वे इसकी समीक्षा करेंगे, लेकिन यह तय है कि वे हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने तर्क दिया कि चार दिन की बहस में कोर्ट को बताया गया था कि राहुल तिवारी पर कोई मामला नहीं बनता है, फिर भी जमानत खारिज हुई है, जिसके आधार की समीक्षा की जाएगी। उनपर कोई स्पेस्पिक एलिगेशन नहीं था। पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय के केस में कॉन्सिपरेटर था। कॉन्सपिरेसी का एलिगेशन था। बता दें कि यह पूरा मामला चायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा इलाके से जुड़ा है। आरोप है कि भू-माफियाओं के साथ मिलकर करीब 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। जान से मारने की धमकी दी गई पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि इस जमीन पर जबरन कब्जा जमाने के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरे खेल में भू-माफियाओं को जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय, सीए राहुल तिवारी और सतीश पांडेय का सीधा संरक्षण प्राप्त था, फिलहाल अब सबकी नजरें 27 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट तय करेगा कि विधायक पप्पू पांडेय की राहत बरकरार रहेगी या पुलिस को उन पर भी शिकंजा कसने की हरी झंडी मिलेगी।  

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