समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा 2027 विधानसभा चुनाव में हम आज के गठबंधन के साथ ही उतरेंगे। हमारे पास गठबंधन करने और चलाने का लंबा अनुभव है। समाजवादियों ने हमेशा दूसरों को लाभ दिया है, कभी धोखा नहीं दिया। अखिलेश यादव मंगलवार को एक कार्यक्रम में सवालों का जवाब दे रहे थे। कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में कितनी सीटें देंगे? इस सवाल पर बोले कि लोकसभा में भी सवाल सीट का नहीं जीत का था। वही फॉर्मूला विधानसभा में भी जारी रहेगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन सीटों की संख्या के आधार पर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में हमारी क्या रणनीति होगी, इसका खुलासा नहीं करूंगा। हमारा विरोधी बहुत ताकतवर है। महंगाई, बेरोजगारी व नीट परीक्षा ही आज का विपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज विपक्ष को किसी एक चेहरे की जरूरत ही क्या है? महंगाई सबसे बड़ा चेहरा है। नीट की परीक्षा देने वाले छात्र चेहरा हैं। पेट्रोल-डीजल, गैस का लाल सिलेंडर इस बार विपक्ष है। अग्निवीर के जवान इस बार विपक्ष हैं। विपक्ष वह मजदूर है, जिसने लाठी खाई। विपक्ष इस बार वह भी है, जो लखनऊ में 69 हजार भर्तियों को लेकर बार-बार आए हैं। विपक्ष इस बार शिक्षा मित्र भी हैं। विपक्ष इसके बाद वो लोग भी हैं, जिनके साथ अन्याय हुआ है। अखिलेश ने ‘पी” की व्याख्या “पीड़ित’ के तौर पर की अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की सोच जहां खत्म हो जाती है, वहां से पीडीए शुरू होता है। उनके लिए पी का मतलब पार्टी है। हमारे लिए पी का मतलब है पीड़ित। जहां बहस महंगाई पर होनी चाहिए, चर्चा इस बात की हो रही है कि लोग साइकिल पर चल रहे हैं। गाड़ियों का काफिला कम हो गया है। यह संकेत है कि आने वाले समय में साइकिल ही जरूरी है। तंज कसा प्रधानमंत्री ईरान उतर गए होते तो युद्ध नहीं होता अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह बिना परमिशन के पाकिस्तान में उतर गए थे, अगर वो ईरान में उतर गए होते, तो युद्ध नहीं होता। यदि भारत के प्रधानमंत्री ईरान के साथ खड़े हो गए होते तो युद्ध नहीं होता। यह बात आज नहीं, कल-परसों दुनिया के विशेषज्ञ जरूर मानेंगे। उन्होंने कहा कि 10 साल आपने जो सोना इकट्ठा किया, उस वजह से यह महंगा हुआ है। एक साल में सारे सुनारों की दुकानें बंद हो जाएंगी। सबसे अधर्मी भाजपा है: अखिलेश यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान पर कहा कि, सड़कों पर क्या होना चाहिए, क्या नहीं होना चाहिए, इसके नियम हैं। पॉलिटिकल स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए। सबसे अधर्मी पार्टी कोई है, तो भाजपा है। कल ही हमारे अधिवक्ता संघ के लोग विरोध करने निकले थे। उन पर लाठी चलाई। उन्हें पिटा गया, जबकि उनके हाथ में रामचरित मानस थी। अगर वे खुद को सनातनी कहते हैं तो वसुधैव कुटुंबकम होना चाहिए। हम तो सभी को अपनाते हैं। इनसे स्मार्ट सिटी तो बनी नहीं। स्मार्ट मीटर तक हटाने पड़ गए। तो क्या कहें सरकार को? हम इनकी बातों में उलझेंगे नहीं, मुद्दों पर घेरेंगे अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जहां तक सड़क की बात है, तो हम चाहते हैं कि सड़कें और चौड़ी हों। वो इसलिए यह मुद्दा उठा रहे हैं, ताकि बहस दूसरी तरफ चली जाए। हमारी बहस मुद्दों पर न रहकर दूसरे विषयों पर चली जाए। कौन सड़क पर नमाज पढ़ रहा है? और अगर पढ़ भी रहा है, अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है? वो चाहते हैं कि हम दूसरी तरफ उलझ जाएं, लेकिन हम लोगों ने भी भाजपा से सीखा है। हम इनकी बातों में नहीं उलझेंगे। हम पहले पूछेंगे कि नीट का क्या हुआ, यह बताओ। 69 हजार शिक्षकों और जो आरक्षण लूटा है, उस बारे में पूछेंगे।


