कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय स्थित सकरी उप डाकघर में ग्रामीणों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट और पार्सल जैसी सेवाओं के लिए ग्राहकों को रसीद नहीं दी जा रही है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर गहरा रोष है। कुदरा की दुर्गावती देवी ने बताया कि जब वे अपनी चिट्ठियां या महत्वपूर्ण दस्तावेज पोस्ट करने आती हैं और पूरा भुगतान करती हैं, तो उन्हें कंप्यूटर जनित या हाथ से लिखी हुई कोई रसीद नहीं मिलती। प्रिंटर काफी समय से खराब इस संबंध में डाकघर के कर्मचारियों ने बताया कि उनका प्रिंटर काफी समय से खराब पड़ा है। तकनीकी खराबी के चलते बिना प्रिंटर के रसीद निकालना संभव नहीं हो पा रहा है। रसीद न मिलने से ग्राहकों के जरूरी दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बिना रसीद के किसी भी डाक को ट्रैक करना या समय पर गंतव्य तक न पहुंचने की स्थिति में उसकी खोजबीन करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, भुगतान का कोई आधिकारिक प्रमाण न होने से धांधली की आशंका भी बनी रहती है, जिससे ग्रामीण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग ग्रामीणों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने डाकघर कर्मचारियों को सख्त निर्देश देकर इस व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारने की अपील की है, ताकि लोगों को उनके भेजे गए दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय स्थित सकरी उप डाकघर में ग्रामीणों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट और पार्सल जैसी सेवाओं के लिए ग्राहकों को रसीद नहीं दी जा रही है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर गहरा रोष है। कुदरा की दुर्गावती देवी ने बताया कि जब वे अपनी चिट्ठियां या महत्वपूर्ण दस्तावेज पोस्ट करने आती हैं और पूरा भुगतान करती हैं, तो उन्हें कंप्यूटर जनित या हाथ से लिखी हुई कोई रसीद नहीं मिलती। प्रिंटर काफी समय से खराब इस संबंध में डाकघर के कर्मचारियों ने बताया कि उनका प्रिंटर काफी समय से खराब पड़ा है। तकनीकी खराबी के चलते बिना प्रिंटर के रसीद निकालना संभव नहीं हो पा रहा है। रसीद न मिलने से ग्राहकों के जरूरी दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बिना रसीद के किसी भी डाक को ट्रैक करना या समय पर गंतव्य तक न पहुंचने की स्थिति में उसकी खोजबीन करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, भुगतान का कोई आधिकारिक प्रमाण न होने से धांधली की आशंका भी बनी रहती है, जिससे ग्रामीण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग ग्रामीणों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने डाकघर कर्मचारियों को सख्त निर्देश देकर इस व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारने की अपील की है, ताकि लोगों को उनके भेजे गए दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


