Rectal Prolapse: आजकल हम में से ज्यादातर लोगों की आदत है कि बिना फोन के टॉयलेट नहीं जाते। लेकिन चीन के रहने वाले एक व्यक्ति को अपनी इस छोटी-सी आदत की वजह से अस्पताल पहुंचना पड़ा। दरअसल, जब हम टॉयलेट सीट पर बैठकर घंटों रील देखते हैं या सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं, तो हमारे शरीर के निचले हिस्से पर जबरदस्त दबाव पड़ता है। इसे मेडिकल भाषा में रेक्टल प्रोलैप्स कहा जाता है। यह एक ऐसी इमरजेंसी है जिसमें शरीर का अंदरूनी हिस्सा बाहर की तरफ लटक जाता है। आइए डॉक्टर क्रिस्टाबेल अकिनोला (फिजिशियन) से जानते हैं कि Rectal Prolapse क्या होता है।
क्या है पूरा मामला?
हालही में डॉक्टर क्रिस्टाबेल अकिनोला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक फोटो शेयर कर एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताया है जिसको टॉयलेट सीट पर बैठकर फोन चलाना भारी पड़ गया। दरअसल, चीन के रहने वाले एक व्यक्ति का मलाशय इस वजह से बाहर आ गया कि वो 30 मिनट तक बैठकर शौच के दौरान फोन चला रहा था। डॉक्टर इसे Rectal Prolapse कहते हैं।

क्या होता है Rectal Prolapse?
आम तौर पर, हमारे अंग मांसपेशियों और ऊतकों (tissues) के सहारे अपनी जगह पर टिके रहते हैं। लेकिन जब ये मांसपेशियां बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती हैं, तो मलाशय को सहारा नहीं मिल पाता और वह शरीर के बाहर लटकने लगता है। शुरुआत में यह सिर्फ शौच (Toilet) के समय बाहर आता है, लेकिन गंभीर स्थिति में यह चलते-फिरते या खांसते समय भी बाहर आ सकता है।
क्या कारण होते हैं?
1.टॉयलेट में ज्यादा देर बैठना।
2.लंबे समय तक कब्ज रहना।
3.पुरानी खांसी होना।
रेक्टल प्रोलैप्स के लक्षण क्या होते हैं?
- अंग का बाहर आना।
- मलाशय को हाथ से धक्का देकर अंदर करना पड़ता है।
- मल पर कंट्रोल न रहना।
- मलाशय में भारीपन।
- खून या म्यूकस
बचाव के उपाय (Prevention)
- फाइबर युक्त डाइट लें।
- खूब पानी पिएं।
- टॉयलेट में फोन को ‘ना’ कहें।
- कीगेल एक्सरसाइज (Kegel Exercise) करें।
- वजन कंट्रोल रखें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


