समय रहते पहचानें ये 5 लक्षण! युवाओं में तेजी से फैल रहा है हेड एंड नेक कैंसर, अनदेखी पड़ सकती है भारी

समय रहते पहचानें ये 5 लक्षण! युवाओं में तेजी से फैल रहा है हेड एंड नेक कैंसर, अनदेखी पड़ सकती है भारी

Head Neck Cancer Symptoms: पहले मुंह और गले का कैंसर (Head & Neck Cancer) ज्यादातर बुजुर्गों में देखा जाता था। लेकिन अब 40 की उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या ये है कि लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और बीमारी तब पकड़ में आती है जब वह काफी बढ़ चुकी होती है।

इस ट्रेंड को Indian Council of Medical Research और GLOBOCAN 2020 के आंकड़े भी सपोर्ट करते हैं, जिनमें बताया गया है कि भारत में कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं और आने वाले सालों में यह आंकड़ा और ऊपर जाएगा।

ये 5 लक्षण बिल्कुल न करें इग्नोर

अगर आपको या आपके आसपास किसी को ये संकेत दिखें, तो तुरंत जांच कराएं:

  • मुंह का घाव जो 2-3 हफ्ते में भी ठीक न हो
  • आवाज का बैठना या लगातार खराश
  • खाना निगलने में दिक्कत
  • गर्दन में गांठ महसूस होना
  • बिना वजह खून आना या सुन्नपन

ये छोटे लगने वाले लक्षण बड़े खतरे का संकेत हो सकते हैं।

सबसे बड़ा कारण अभी भी तंबाकू

ऑन्कोलॉजिस्ट Dr Pratyush V बताते हैं कि “तंबाकू चाहे सिगरेट हो या गुटखा आज भी इस कैंसर की सबसे बड़ी वजह है।” समस्या ये है कि लोग कम उम्र में ही इसकी आदत डाल लेते हैं और सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं।

शराब और सुपारी भी खतरनाक

शराब अकेले भी नुकसान करती है। तंबाकू के साथ लेने पर खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सुपारी (Areca nut) मुंह के टिशू को सख्त कर देती है, जो आगे चलकर कैंसर बन सकता है। सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग इन चीजों को “नॉर्मल” मान लेते हैं।

नए जमाने के रिस्क

अब सिर्फ पुरानी आदतें ही नहीं, बल्कि नई लाइफस्टाइल भी जिम्मेदार है:

  • HPV वायरस से गले का कैंसर
  • ज्यादा स्ट्रेस और कम नींद
  • जंक फूड और खराब डाइट
  • एयर पॉल्यूशन
  • वेपिंग (e-cigarette)

ये सभी चीजें शरीर की इम्युनिटी को कमजोर कर देती हैं।

बचाव कैसे करें?

अच्छी बात ये है कि इस कैंसर से काफी हद तक बचा जा सकता है:

  • तंबाकू और सुपारी से दूरी बनाएं
  • शराब कम करें
  • हेल्दी खाना खाएं
  • स्ट्रेस कम करें और नींद पूरी लें
  • समय-समय पर चेकअप कराएं

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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