मामूली सिरदर्द या कुछ और? 1 साल के बच्चे को हुआ दुर्लभ ब्रेन कैंसर, इन लक्षणों को पहचानने में न करें देरी

मामूली सिरदर्द या कुछ और? 1 साल के बच्चे को हुआ दुर्लभ ब्रेन कैंसर, इन लक्षणों को पहचानने में न करें देरी

Ependymoma Symptoms: अक्सर हम बच्चों की उल्टी, सिरदर्द या कमजोरी को छोटी-मोटी बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन एक केस ने दिखाया कि ये लक्षण कभी-कभी गंभीर भी हो सकते हैं। 1 साल की बच्ची को लगातार उल्टी हो रही थी, शुरुआत में इसे टॉन्सिल का इंफेक्शन समझा गया, लेकिन बाद में जांच में दिमाग में ट्यूमर निकला। अच्छी बात ये रही कि समय पर इलाज से बच्ची अब ठीक है।

कौन सी बीमारी थी?

डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को एपेंडिमोमा (Ependymoma) नाम का दुर्लभ ब्रेन कैंसर था। इस बीमारी पर जानकारी Cleveland Clinic के अनुसार, यह ट्यूमर दिमाग या स्पाइनल कॉर्ड में बनने वाली कोशिकाओं से शुरू होता है, जो दिमाग की सुरक्षा करने वाले फ्लूड (CSF) से जुड़ी होती हैं।

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

छोटे बच्चों में लक्षण पहचानना मुश्किल होता है, इसलिए इन संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • बार-बार उल्टी होना
  • सिर का असामान्य रूप से बड़ा दिखना
  • बहुत ज्यादा रोना या चिड़चिड़ापन
  • शरीर में कंपकंपी या कमजोरी
  • नींद में गड़बड़ी

बड़े बच्चों या बड़ों में लगातार सिरदर्द, चक्कर और बैलेंस बिगड़ना, नजर धुंधली होना, दौरे पड़ना अगर ये लक्षण लंबे समय तक रहें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

रिसर्च क्या कहती है?

Cleveland Clinic और अन्य मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं, जिससे पहचान में देरी हो सकती है। इसलिए बार-बार होने वाले लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

ट्यूमर के ग्रेड समझें

एपेंडिमोमा 3 तरह का होता है। ग्रेड 1 और 2 धीरे बढ़ने वाले और कम खतरनाक होते हैं। ग्रेड 3 तेजी से बढ़ने वाला कैंसर होता है। ग्रेड 3 में इलाज तुरंत जरूरी होता है क्योंकि यह तेजी से फैल सकता है।

इलाज कैसे होता है?

  • सर्जरी (ऑपरेशन)
  • कीमोथेरेपी
  • रेडिएशन

सही समय पर इलाज शुरू हो जाए, तो ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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