RBI Dividend: महंगे तेल और गिरते रुपये से परेशान सरकार को मिलेगी बड़ी राहत, RBI से 3 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद

RBI Dividend: महंगे तेल और गिरते रुपये से परेशान सरकार को मिलेगी बड़ी राहत, RBI से 3 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद

RBI Surplus Transfer: महंगे तेल और गिरते रुपये के बीच केंद्र सरकार को इस हफ्ते बड़ी राहत मिल सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI सरकार को करीब 3 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड होगा। यह ऐसे समय में होगा, जब ईरान संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ रहा है। रुपया भी डॉलर के मुकाबले लगातार दबाव में है। ऐसे में RBI का यह पैसा सरकार के लिए किसी ऑक्सीजन से कम नहीं माना जा रहा।

आरबीआई हर साल अपने सालाना मुनाफे में से एक हिस्सा भारत सरकार को देता है। यह रकम आरबीआई के बोर्ड द्वारा अपने खर्चों और इमरजेंसी फंड को अलग रखने के बाद तय की जाती है।

शुक्रवार को होगी RBI बोर्ड की बैठक

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI बोर्ड की बैठक शुक्रवार को होने वाली है। इसी बैठक में डिविडेंड को मंजूरी दी जा सकती है। जानकारों का अनुमान है कि यह रकम पिछले वित्त वर्ष के 2.68 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड भुगतान से भी ज्यादा हो सकती है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने तो 3.4 लाख करोड़ रुपये तक का अनुमान लगाया है।

आरबीआई

RBI कहां से करता है कमाई?

RBI अपनी कमाई कई स्रोतों से करता है। इसमें विदेशी मुद्रा भंडार पर मिलने वाला रिटर्न, बॉन्ड निवेश, करेंसी प्रिंटिंग फीस और डॉलर ट्रेडिंग से होने वाला फायदा शामिल है। पिछले कुछ समय में वैश्विक ब्याज दरें ऊंची रही हैं, जिससे RBI की विदेशी संपत्तियों से कमाई भी बढ़ी है। सोने की कीमतों में आई तेज उछाल ने भी केंद्रीय बैंक को फायदा पहुंचाया है। RBI पिछले कुछ सालों में दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड खरीदारों में शामिल रहा है। ऐसे में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू बढ़ने से उसकी बैलेंस शीट और मजबूत हुई है।

रुपया संभालने के लिए बेच रहा डॉलर

इधर रुपये को संभालने के लिए RBI लगातार डॉलर बेच रहा है। इससे भी उसे बड़ा मुनाफा हुआ है। IDFC First Bank की अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता के मुताबिक, RBI के डॉलर रिजर्व की औसत खरीद कीमत करीब 84 रुपये प्रति डॉलर रही। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में डॉलर का औसत भाव 88 रुपये से ऊपर चल रहा है। यानी डॉलर बिक्री से केंद्रीय बैंक को अच्छा फायदा मिला।

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बाजार को पहले से है 3 लाख करोड़ के ट्रांसफर की उम्मीद

PGIM India Asset Management के फिक्स्ड इनकम हेड पुनीत पाल का कहना है कि बाजार पहले से करीब 3 लाख करोड़ रुपये के ट्रांसफर की उम्मीद लगा चुका है। ऐसे में इसका असर तभी बड़ा होगा, जब राशि अनुमान से काफी ज्यादा निकले। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में RBI, सरकारी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से कुल 3.2 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान रखा है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा RBI से आने की उम्मीद है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बंपर डिविडेंड सरकार को वित्तीय मोर्चे पर कुछ राहत जरूर देगा, लेकिन इकोनॉमी से जुड़ी चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। तेल और खाद की बढ़ती कीमतें सरकारी खर्च बढ़ा सकती हैं। चालू खाते का घाटा भी बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

कुछ वर्षों से बढ़ रही है RBI की इनकम

Brickwork Ratings के रिसर्च हेड राजीव शरण के मुताबिक विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग, सरकारी बॉन्ड से ब्याज और लिक्विडिटी ऑपरेशन से आरबीआई की कमाई काफी बढ़ी है। यही वजह है कि इस बार रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर की संभावना बन रही है। इंडसइंड बैंक के अर्थशास्त्री गौरव कपूर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई की कमाई की क्षमता तेजी से बढ़ी है। ऊंची वैश्विक ब्याज दरों और सोने की बढ़ती कीमतों ने केंद्रीय बैंक की आय में बड़ा इजाफा किया है। फिलहाल बाजार की नजर शुक्रवार की बैठक पर टिकी है। अगर RBI उम्मीद के मुताबिक रिकॉर्ड डिविडेंड देता है, तो इससे सरकार को वित्तीय मोर्चे पर थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

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