गोपालगंज में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने महागठबंधन के खिलाफ ‘धिक्कार मार्च’ निकाला। यह मार्च परिसीमन सुधार और महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में मतदान करने वाले महागठबंधन दलों के खिलाफ आयोजित किया गया था। रालोमो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महागठबंधन में शामिल दलों ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयक और परिसीमन सुधार प्रक्रिया का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। मार्च में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने शहर का भ्रमण करते हुए महागठबंधन के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। पूरा देश महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा स्थानीय रालोमो नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर जहां पूरा देश महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के दल इसमें बाधा डाल रहे हैं। वक्ताओं ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने को सामाजिक न्याय की बात करने वाले दलों का दोहरा चरित्र बताया। उन्होंने परिसीमन सुधारों को रोकने के प्रयासों को विकास विरोधी करार दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे यह ‘धिक्कार मार्च’ शहर के मुख्य चौराहों से होते हुए कलेक्ट्रेट के पास समाप्त हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रालोमो नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी दल अपनी महिला विरोधी और विकास विरोधी नीतियों को नहीं बदलते हैं, तो जनता उन्हें आने वाले समय में करारा जवाब देगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विरोध मार्च नहीं, बल्कि जनता को जागरूक करने का एक अभियान है, ताकि वे जान सकें कि कौन से दल उनके अधिकारों के पक्ष में हैं और कौन विरोध में खड़े हैं। इस प्रदर्शन से जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गोपालगंज में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने महागठबंधन के खिलाफ ‘धिक्कार मार्च’ निकाला। यह मार्च परिसीमन सुधार और महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में मतदान करने वाले महागठबंधन दलों के खिलाफ आयोजित किया गया था। रालोमो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महागठबंधन में शामिल दलों ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयक और परिसीमन सुधार प्रक्रिया का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। मार्च में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने शहर का भ्रमण करते हुए महागठबंधन के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। पूरा देश महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा स्थानीय रालोमो नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर जहां पूरा देश महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के दल इसमें बाधा डाल रहे हैं। वक्ताओं ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने को सामाजिक न्याय की बात करने वाले दलों का दोहरा चरित्र बताया। उन्होंने परिसीमन सुधारों को रोकने के प्रयासों को विकास विरोधी करार दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे यह ‘धिक्कार मार्च’ शहर के मुख्य चौराहों से होते हुए कलेक्ट्रेट के पास समाप्त हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रालोमो नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी दल अपनी महिला विरोधी और विकास विरोधी नीतियों को नहीं बदलते हैं, तो जनता उन्हें आने वाले समय में करारा जवाब देगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विरोध मार्च नहीं, बल्कि जनता को जागरूक करने का एक अभियान है, ताकि वे जान सकें कि कौन से दल उनके अधिकारों के पक्ष में हैं और कौन विरोध में खड़े हैं। इस प्रदर्शन से जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।


