जमुई जिले में एक अनोखे नाम वाला मोहल्ला ‘रंगबाज नगर’ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर बिहार में गांवों और मोहल्लों के नाम जातियों, परिवारों या व्यक्तियों के नाम पर रखे जाते हैं, लेकिन यह नाम इन सबसे अलग है। जमुई मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर दूर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 16-17 स्थित प्यारेपुर गांव में एक युवक ने ‘रंगबाज नगर’ नाम का बोर्ड लगाया है। सड़क किनारे लोहे के खंभे पर लगे इस बोर्ड पर अंग्रेजी में ‘Here’ और बड़े अक्षरों में ‘रंगबाज नगर’ लिखा है। यह अनोखा नाम राहगीरों का ध्यान खींच रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव का वास्तविक नाम प्यारेपुर है। हालांकि, गांव के अधिकांश लोग इस नए नाम के पीछे की वजह बताने से बचते दिखे। अलग पहचान देने के लिए दिया नया नाम दैनिक भास्कर ने बोर्ड लगाने वाले युवक धनंजय कुमार से फोन पर बात की। धनंजय ने बताया कि यह इलाका बिठलपुर का ही हिस्सा है। उन्होंने इसे एक अलग पहचान देने के लिए ‘रंगबाज नगर’ नाम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां के लोग न तो ‘रंगबाज’ हैं और न ही दबंग। धनंजय के अनुसार, उस इलाके में उनकी तीन बीघा से अधिक जमीन, तालाब और पोखर है, इसलिए उन्होंने कुछ अलग सोचकर यह नाम रखा। सोसाइटी बनाने की योजना बना रहे धनंजय कुमार ने यह भी बताया कि भविष्य में वे ‘रंगबाज नगर’ नाम से एक सोसाइटी बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस नाम को रखने के पीछे कोई विशेष उद्देश्य नहीं था। ‘रंगबाज’ शब्द के अर्थ के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। वहीं, सड़क से गुजरने वाले कई लोगों ने इस बोर्ड को देखकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। एक राहगीर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि शायद यह “रंगबाजों का नगर” होगा।धीरे-धीरे यह बोर्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और अब लोग वहां पहुंचकर सेल्फी व रील्स भी बना रहे हैं।
इस मामले में खैरा थाना अध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह की जानकारी नहीं है। अगर इस तरह का बोर्ड लगा होगा तो उसे हटाया जाएगा। जमुई जिले में एक अनोखे नाम वाला मोहल्ला ‘रंगबाज नगर’ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर बिहार में गांवों और मोहल्लों के नाम जातियों, परिवारों या व्यक्तियों के नाम पर रखे जाते हैं, लेकिन यह नाम इन सबसे अलग है। जमुई मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर दूर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 16-17 स्थित प्यारेपुर गांव में एक युवक ने ‘रंगबाज नगर’ नाम का बोर्ड लगाया है। सड़क किनारे लोहे के खंभे पर लगे इस बोर्ड पर अंग्रेजी में ‘Here’ और बड़े अक्षरों में ‘रंगबाज नगर’ लिखा है। यह अनोखा नाम राहगीरों का ध्यान खींच रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव का वास्तविक नाम प्यारेपुर है। हालांकि, गांव के अधिकांश लोग इस नए नाम के पीछे की वजह बताने से बचते दिखे। अलग पहचान देने के लिए दिया नया नाम दैनिक भास्कर ने बोर्ड लगाने वाले युवक धनंजय कुमार से फोन पर बात की। धनंजय ने बताया कि यह इलाका बिठलपुर का ही हिस्सा है। उन्होंने इसे एक अलग पहचान देने के लिए ‘रंगबाज नगर’ नाम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां के लोग न तो ‘रंगबाज’ हैं और न ही दबंग। धनंजय के अनुसार, उस इलाके में उनकी तीन बीघा से अधिक जमीन, तालाब और पोखर है, इसलिए उन्होंने कुछ अलग सोचकर यह नाम रखा। सोसाइटी बनाने की योजना बना रहे धनंजय कुमार ने यह भी बताया कि भविष्य में वे ‘रंगबाज नगर’ नाम से एक सोसाइटी बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस नाम को रखने के पीछे कोई विशेष उद्देश्य नहीं था। ‘रंगबाज’ शब्द के अर्थ के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। वहीं, सड़क से गुजरने वाले कई लोगों ने इस बोर्ड को देखकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। एक राहगीर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि शायद यह “रंगबाजों का नगर” होगा।धीरे-धीरे यह बोर्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और अब लोग वहां पहुंचकर सेल्फी व रील्स भी बना रहे हैं।
इस मामले में खैरा थाना अध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह की जानकारी नहीं है। अगर इस तरह का बोर्ड लगा होगा तो उसे हटाया जाएगा।


