बंगाल प्रशासन लगातार उठा रहा सख्त कदम, विरोध की आवाजें भी उठ रहीं

बंगाल प्रशासन लगातार उठा रहा सख्त कदम, विरोध की आवाजें भी उठ रहीं

सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इसके तहत अवैध दुकानों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। सियालदह टर्मिनल देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन में शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल रोजाना लाखों उपनगरीय और एक्सप्रेस ट्रेन यात्री करते हैं। 

पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने के बाद से प्रशासन लगातार सख्त कदम उठाता दिखाई दे रहा है। कई जगह पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसे लेकर इलाके में तनाव है। पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन लगातार अतिक्रमण हटाने और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है। राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने साफ तौर पर कहा है कि जहां भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण होगा, वहां बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाएगा। हाल के दिनों में कई इलाकों में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हावड़ा स्टेशन इलाके में चलाए गए बुलडोजर अभियान को लेकर भी विरोध की आवाजें उठ रही। पार्क सर्कस इलाके में हिंसा के बाद कोलकाता पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में केवल स्थानीय लोग शामिल थे या बाहर से आए उपद्रवी भी थे।

बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन

महानगर के तिलजला में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया। पार्क सर्कस इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इससे तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। तिलजला में एक फैक्टरी में आग लगने की घटना में दो लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने पिछले बुधवार को इलाके में अवैध ढांचों को गिराने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में लोग रविवार को पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग के पास इकट्ठा हुए और सड़कों को जाम करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने गैरकानूनी रूप से जुटी भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो उसमें शामिल कुछ लोग पथराव करने लगे, जिससे इलाके में अराजकता फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, पथराव के दौरान सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें केंद्रीय बलों को ले जाने वाले वाहन भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बड़ी संख्या में कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को इलाके में तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जवानों ने हालात को और बिगड़ने से रोकने तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए तिलजला और आसपास के इलाकों में गश्त लगाई। कोलकाता पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भीड़ को तितर-बितर करने पर पत्थरबाजी

कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त आशीष विश्वास ने संवाददाता को बताया कि कुछ लोगों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। यह एक अवैध जमावड़ा था। पुलिस उन्हें तितर-बितर करने की कोशिश कर रही थी, तभी उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। हमारे तीन सहकर्मी घायल हो गए। उन्होंने कहा कि हिंसा के सिलसिले में हमने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की और हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। विश्वास ने कहा कि पुलिस पर हमला किया गया। हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन है और उन सभी को गिरफ्तार करेंगे। सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या नहीं बताई, न ही इस बारे में कोई जानकारी दी कि क्या हिंसा के दौरान कोई प्रदर्शनकारी भी घायल हुआ।

सियालदह स्टेशन परिसर में अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया

सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इसके तहत अवैध दुकानों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। सियालदह टर्मिनल देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन में शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल रोजाना लाखों उपनगरीय और एक्सप्रेस ट्रेन यात्री करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक सियालदह मंडल ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत रेलवे स्टेशन की प्लेटफार्म संख्या 1 से 21 तक फेरी और स्टॉल लगाने वाले दुकानदारों को हटा दिया, ताकि टर्मिनल के अंदर यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत स्टेशन परिसर से 250 फेरीवालों और स्टॉल को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी प्लेटफॉर्म फेरीवालों से मुक्त कर दिए गए हैं और अब वहां सिर्फ यात्रियों की आवाजाही की अनुमति होगी।इससे पहले, सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर के इलाकों में भी अवैध ढांचों और फुटपाथ पर कब्जा हटाने के उद्देश्य से अतिक्रमण रोधी अभियान चलाए गए थे।

  

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