Ramlila Maidan में INDIA गठबंधन की रैली को Delhi Police ने दी NOC

Ramlila Maidan में INDIA गठबंधन की रैली को Delhi Police ने दी NOC

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उसने रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली की अनुमति वापस नहीं ली है। पुलिस का यह स्पष्टीकरण कांग्रेस के उन आरोपों के बीच आया है जिनमें पार्टी ने दावा किया था कि अधिकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उसके कार्यक्रम में बाधा डाल रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दे दिया गया है।

पुलिस ने यह भी कहा कि वह निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के लिए लगभग 3,500 कर्मियों को तैनात करने तथा 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने भीड़ प्रबंधन के लिए आयोजन स्थल को 14 ज़ोन में विभाजित किया है, आरक्षित बलों की 10 कंपनियों को बुलाया है तथा सीसीटीवी कैमरों, ‘बॉडी-वॉर्न’ (शरीर पर पहने जाने वाले) कैमरों और निगरानी उपकरणों से लैस वाहनों के माध्यम से नजर रखने की योजना बनाई है। कांग्रेस मुख्यालय के प्रभारी नेता मनीष चतरथ को 17 अक्टूबर को भेजे गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, एनओसी इस शर्त पर दी गई है कि जमीन का स्वामित्व रखने वाले विभाग से पहले अनुमति लेनी होगी और तय शर्तों का पालन करना होगा।

इस पत्र में कांग्रेस की उस मांग का जिक्र है, जिसमें 25 अक्टूबर से तीन नवंबर तक रामलीला मैदान बुक करने की बात कही गई थी। यहां एक नवंबर को पूर्वाह्न 10 बजे से शाम पांच बजे तक रैली होनी है। शर्तों के तहत, अहम स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी स्क्रीन के साथ नियंत्रण कक्ष बनाने, पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करने, पीने के पानी और महिलाओं के लिए अलग शौचालयों की व्यवस्था करने को कहा गया है।

साथ ही, रैली शाम पांच बजे तक समाप्त करने और इसके बाद लोगों को वहां से रवाना करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि आयोजन स्थल पर रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वाहनों को यातायात पुलिस द्वारा नामित स्थानों पर ही पार्क किया जाए, अभद्र व्यवहार और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भाषणों को रोका जाए, तथा पुलिस को आमंत्रित लोगों और स्वयंसेवकों की सूची, हर मिनट के कार्यक्रम का ब्योरा और बसों के पंजीकरण नंबर सहित उनका विवरण प्रदान किया जाए।

इसमें कहा गया है कि शर्तों का कोई भी उल्लंघन कानूनी कार्रवाई या अनुमति रद्द करने का कारण बन सकता है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 14 ज़ोन में से प्रत्येक की देखरेख सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी करेंगे, जबकि दो ज़ोन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे। पुलिस कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रैली आयोजकों, यातायात पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।

एक नवंबर की रैली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष के अभियान का हिस्सा है।

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