जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया के तत्वावधान एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में चलाए जा रहे सुरक्षित बचपन अभियान के तहत मथुरापुर उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, यौन शोषण से बचाव, साइबर अपराध और बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आईसीडीएस की लेडी सुपरवाइजर निबिता कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनुराधा कुमारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्क रहने की अपील निबिता कुमारी ने बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी को जागरूक और जिम्मेदार बनने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर पहचानने तथा किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्क रहने के बारे में बताया गया। साथ ही पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों, बाल अधिकारों के संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव और बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जाएगा अभियान बच्चों को किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना डर के अभिभावकों और शिक्षकों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112 और निःशुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें शोषण व अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी देकर सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया के तत्वावधान एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में चलाए जा रहे सुरक्षित बचपन अभियान के तहत मथुरापुर उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, यौन शोषण से बचाव, साइबर अपराध और बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आईसीडीएस की लेडी सुपरवाइजर निबिता कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनुराधा कुमारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्क रहने की अपील निबिता कुमारी ने बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी को जागरूक और जिम्मेदार बनने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर पहचानने तथा किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्क रहने के बारे में बताया गया। साथ ही पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों, बाल अधिकारों के संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव और बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जाएगा अभियान बच्चों को किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना डर के अभिभावकों और शिक्षकों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112 और निःशुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें शोषण व अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी देकर सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है।

