राजस्थान की राजनीति और प्रशासन में इन दिनों ‘डिजिटल गवर्नेंस’ की नई बयार बह रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल से प्रदेशवासियों के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। मुख्यमंत्री ने यह संदेश एक दिन बाद शुक्रवार 1 मई से आधिकारिक रूप से शुरू होने जा रही ‘जनगणना 2027’ को लेकर साझा किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि राज्य के विकास की सटीक रूपरेखा तैयार की जा सके।
1 मई से 14 जून तक : कब और क्या होगा?
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में जनगणना की समय-सीमा को लेकर पूरी स्पष्टता दी है, ताकि प्रदेशवासियों को किसी प्रकार का भ्रम न रहे:
- स्व-गणना (Self-Enumeration): 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने आधिकारिक लिंक https://se.census.gov.in भी जारी किया है।
- घर-घर गणना (House Listing): 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना कर्मी राजस्थान के कोने-कोने में घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करेंगे और आवश्यक डेटा संकलित करेंगे।
अतिथि सत्कार और ‘विकसित राजस्थान’ का विजन
मुख्यमंत्री ने राजस्थान की भौगोलिक चुनौतियों और सांस्कृतिक मूल्यों का जिक्र करते हुए एक भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा:
लंबी दूरी और संघर्ष: “राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। हमारे जनगणना कर्मी तपती धूप में लंबी दूरी तय कर आपके द्वार आएंगे।”
अतिथि देवो भव: सीएम ने आह्वान किया कि राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कर्मियों को सही और सटीक जानकारी प्रदान करें।
सटीक डेटा = सटीक विकास: सीएम ने जोर दिया कि आपके द्वारा दी गई सही सूचना ही भविष्य में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेगी।
क्यों जरूरी है यह जनगणना?
जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के बंटवारे और नई योजनाओं का आधार है। मुख्यमंत्री का सुबह-सुबह यह संदेश देना संकेत देता है कि सरकार इस बार डेटा संकलन में ‘जीरो एरर’ चाहती है।
- डिजिटल राजस्थान: पहली बार ‘स्व-गणना’ पर इतना जोर दिया जा रहा है, जिससे लोग घर बैठे अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
- पारदर्शिता: डिजिटल एंट्री से डेटा में हेरफेर की गुंजाइश खत्म होगी और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचना आसान होगा।
| क्या है खास? |
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| 1 से 15 मई 2026 तक होगा हाउस लिस्टिंग कार्य |
| 16 मई से 14 जून तक चलेगी मकान गणना प्रक्रिया |
| जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी |
| CMMS पोर्टल से रियल-टाइम मॉनिटरिंग |
| लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश |
| विवरण |
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| 38 चार्ज अधिकारी (20 तहसीलदार सहित) |
| 4,817 प्रगणक |
| 780 सुपरवाइजर |
| 5,277 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में कार्य |
| अनुमानित जनसंख्या: 35.54 लाख |


