Rajasthan Crime : हनुमानगढ़ में पत्नी से विवाद के चलते ससुराल पक्ष पर दबाव बनाने के लिए युवक ने पहले खुद पर फायरिंग कराई और फिर ऐसा घटनाक्रम रचा कि संदेह ससुराल वालों पर जाए। जंक्शन थाना पुलिस ने जांच के बाद मामले का खुलासा करते हुए शुक्रवार रात बोलेरो सवार 5 युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध देशी कट्टा, एक कारतूस, बुलेट हैड और कारतूस का खोल बरामद किया। वारदात में इस्तेमाल बोलेरो भी जब्त की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि शुक्रवार शाम अबोहर जाने वाली सड़क पर चक 13 एमएमके रोही में निर्माणाधीन गुरुद्वारे के पास बोलेरो गाड़ी पर फायरिंग और हथियारों से लैस कुछ लोगों के होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस पर एएसपी मुख्यालय अरविन्द बिश्नोई व डीएसपी मीनाक्षी के निकटतम सुपरविजन तथा थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए देर रात बोलेरो आरजे 31 यूए 3922 सवार पांचों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुनाफ अली (38 वर्ष) पुत्र अली मोहम्मद, शकीम अकरम उर्फ गग्गू (23 वर्ष) पुत्र असकर अली, इमरान खान उर्फ माणा (24 वर्ष) पुत्र अब्दुल मुनाफ तीनों निवासी गांव गाहड़ू पीएस हनुमानगढ़ टाउन, नाजम अली उर्फ निक्का (32 वर्ष) पुत्र गोश मोहम्मद निवासी वार्ड दो, मम्मड़ खेड़ा पीएस लालगढ़ जाटान, जिला श्रीगंगानगर और पवन सिंह (28 वर्ष) पुत्र गुरा सिंह निवासी वार्ड पांच, सरदारपुरा जीवन पीएस लालगढ़ जाटान के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ जंक्शन थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच उप निरीक्षक चुकां को सौंपी गई है।
फायरिंग की गढ़ी झूठी कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी इमरान खान उर्फ माणा ने बताया कि उसका ससुराल गांव गाहड़ू में है। पत्नी के साथ विवाद चल रहा है। इस विवाद को लेकर मुकदमेबाजी भी हुई है। हनुमानगढ़ टाउन थाने में भी एक प्रकरण दर्ज है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को इमरान के परिवार और उसके ससुराल पक्ष के बीच पंचायत होनी थी। प्रथमदृष्टया सामने आया है कि ससुराल पक्ष पर दबाव बनाने के लिए इमरान ने खुद फायरिंग कर झूठी कहानी गढ़ी। गिरफ्तार आरोपियों से घटना को लेकर विस्तृत पूछताछ जारी है। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार तथा घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई गजेन्द्र शर्मा, एएसआई प्रद्युम्न यादव, कांस्टेबल कृष्ण सिंह और चन्द्रविजय शेखर शामिल रहे। कार्रवाई में सदर थाना पुलिस, एजीटीएफ और डीएसटी ने भी सहयोग किया।

