Rajasthan Census : जयपुर। राजस्थान में जनगणना-2027 के मुख्य चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश में 10 से 24 जनवरी तक स्वगणना का अवसर मिलेगा, वहीं 25 जनवरी से 28 फरवरी तक जनगणना होगी। 28 फरवरी की रात को बेघर आबादी की जनगणना होगी। जनगणना कार्य में प्रदेश में 1.80 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी और जनगणना अवधि में इन कार्मिकों के तबादले पर पाबंदी रहेगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को यहां जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक ली, जिसमें अधिकारियों को आपसी समन्वय, प्रशिक्षण और समयबद्ध तैयारियां करने के निर्देश दिए। इस बैठक में जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनगणना-2027 के प्रथम चरण में किए गए कार्यों तथा दूसरे चरण में जनसंख्या संबंधी प्रस्तावित कार्यों व व्यवस्थाओं की जानकारी दी। 1.34 लाख से अधिक ब्लॉक्स में हुई मकान गणना
बिष्णु चरण मलिक ने बताया कि प्रथम चरण में मकान गणना के तहत भवनों, जनगणना मकानों एवं परिवारों की सूची तैयार करने के साथ आवास की स्थिति, छत की सामग्री, पेयजल के स्रोत, शौचालय जैसी सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। पहली बार मकान गणना और अब जनगणना का कार्य मोबाइल एप के माध्यम से होग। मकान गणना के दौरान प्रदेश में 1,34,091 ब्लॉक्स में मोबाइल एप के माध्यम से मकान गणना कार्य पूरा किया गया।
25 जनवरी से 28 फरवरी तक होगी जनसंख्या गणना
दूसरे चरण में Population Enumeration (PE) के तहत प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी तथा सामाजिक-आर्थिक, जनसांख्यिकीय एवं प्रवासन से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाएगी। राजस्थान के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सेल्फ एन्यूमेरेशन 10 से 24 जनवरी 2027, जबकि पॉपुलेशन एन्यूमेरेशन 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 28 फरवरी 2027 की रात बेघर आबादी की गणना तथा 1 से 5 मार्च 2027 तक रिवीजनल राउंड प्रस्तावित है। जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 को 00:00 बजे निर्धारित की गई है।
डिजिटल माध्यम से होगी गणना, सेल्फ एन्यूमेरेशन की भी सुविधा
बैठक में शामिल अधिकारियों ने बताया कि जनगणना 2027 देश की पहली डिडिटल सेंसस होगी, जिसमें स्मार्टफोन पर उपलब्ध PE Mobile App के माध्यम से आंकड़े डिजिटल रूप से दर्ज, सत्यापित एवं मॉनिटर करेंगे। दूसरे चरण में CMMS के माध्यम से फील्ड कार्यों का एंड-टू-एंड प्रबंधन, रियल-टाइम प्रगति की निगरानी और डेटा गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी, जबकि EB Creator से प्रथम चरण में तैयार HLBs के भीतर एन्यूमेरेशन ब्लॉक्स तैयार किए जाएंगे।
नागरिकों को पहली बार सेल्फ-एन्यूमेरेशन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित अवधि में स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी, जिसके बाद उसका सत्यापन किया जाएगा। सेल्फ-एन्यूमेरेशन की अवधि 15 दिन रखी गई है और HLO में दिए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है।
व्यापक जन-जागरूकता पर विशेष जोर
बैठक में करीब 1.80 लाख फील्ड कार्मिकों की समय पर उपलब्धता, पर्याप्त रिजर्व व्यवस्था, आवश्यक पदों को भरने, जनगणना अवधि में नियुक्त कार्मिकों के स्थानांतरण पर नियंत्रण तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता पर जोर दिया गया।

