श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर में गांव 33 बीबी स्थित सरकारी स्कूल में कार्यरत ग्रेड थर्ड टीचर के खिलाफ दिव्यांग कोटे का गलत लाभ उठाकर सरकारी नौकरी लगने का मामला सामने आया है। एसओजी की जांच में महिला टीचर निर्धारित दिव्यांगता मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसके बाद एसओजी की शिकायत पर गजसिंहपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, एसओजी की ओर से भेजी गई शिकायत के आधार पर टीचर मीनू रानी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच गजसिंहपुर थानाधिकारी शालू बिश्नोई कर रही हैं। खुद को ब्लाइंड बताकर किया था आवेदन एसओजी के अनुसार, मीनू रानी ने ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती में दिव्यांग कोटे के तहत खुद को ब्लाइंड बताते हुए आवेदन किया था। आरोप है कि इसके बाद उसने आरक्षित कोटे का लाभ लेकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। शिकायत मिलने के बाद उसकी दिव्यांगता की जांच के लिए बीकानेर स्थित पीबीएम मेडिकल कॉलेज में विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया गया। एसओजी के अनुसार, मेडिकल जांच में उसकी ब्लाइंडनेस 10 प्रतिशत बताई गई, जबकि संबंधित दिव्यांग कोटे का लाभ लेने के लिए 40 प्रतिशत दिव्यांगता का मानक बताया गया है। दस्तावेज और भर्ती रिकॉर्ड की जांच एसओजी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि महिला शिक्षक ने कथित रूप से गलत प्रमाण-पत्रों के आधार पर आरक्षित कोटे का लाभ लेकर सरकारी नौकरी हासिल की। अब गजसिंहपुर पुलिस दस्तावेजों, मेडिकल रिपोर्ट और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी।

